दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या होगी 2.5 लाख तक सीमित, अब जरूरी होगा कंप्लायंस सर्टिफिकेट

राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा को अब व्यवस्थित करने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 'दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है। इस नई पॉलिसी का सबसे मुख्य बिंदु यह है कि अब दिल्ली में ई-रिक्शा की कुल संख्या अधिकतम 2.5 लाख तक सीमित कर दी जाएगी। सरकार ने इस प्रस्ताव पर 30 दिनों के लिए जनता से सुझाव और प्रतिक्रियाएं मांगी हैं।
सर्टिफिकेट के बिना जब्त होंगे वाहन, तय हुई मालिकाना हक की सीमा
नई नियमावली के मुताबिक, अब हर ई-रिक्शा ऑपरेटर के लिए 'ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट' (ECC) लेना अनिवार्य होगा। यह एक डिजिटल दस्तावेज होगा जिसकी वैधता दो साल की होगी। इस सर्टिफिकेट में गाड़ी, मालिक और ड्राइवर की पूरी जानकारी के साथ-साथ इंश्योरेंस, फिटनेस और बैटरी स्टैंडर्ड्स का ब्यौरा होगा। जो ई-रिक्शा पहले से रजिस्टर्ड हैं, उन्हें अंतिम नोटिफिकेशन के बाद यह सर्टिफिकेट लेने के लिए 90 दिनों का समय दिया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना ECC के चलने वाले रिक्शों को जब्त किया जा सकता है और यदि जब्त होने के 15 दिनों के भीतर कागजात सही नहीं किए गए, तो वाहन को नष्ट या डिस्पोज किया जा सकता है। मालिकाना हक को लेकर भी सीमा तय की गई है; एक व्यक्ति अधिकतम 5 ई-रिक्शा रख सकता है, जबकि कंपनियों और एनजीओ के लिए यह सीमा 100 वाहन है। जिन संस्थाओं के पास 25 से ज्यादा रिक्शा होंगे, उन्हें एग्रीगेटर लाइसेंस लेना होगा।
ड्राइवर्स के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। उनके पास वैध PSV बैज और ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। साथ ही, एक ड्राइवर केवल एक ही ECC से जुड़ सकता है। सुरक्षा के लिहाज से रिक्शा में अधिकतम 4 यात्री और 40 किलो सामान ले जाने की अनुमति होगी। बैटरी डिस्पोजल के लिए 'बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2022' का पालन करना होगा।
इसके अलावा, ड्राइवरों को बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद करनी होगी और किसी भी तरह के उत्पीड़न की शिकायत पुलिस से करनी होगी। रिक्शा में तेज संगीत बजाने, असुरक्षित मॉडिफिकेशन या लोहे के फ्रेम लगाने पर तुरंत कार्रवाई होगी। शराब पीकर गाड़ी चलाने या प्रतिबंधित क्षेत्रों में पार्किंग करने पर भी वाहन जब्त करने का प्रावधान है।