दिल्ली में ई-रिक्शा के लिए नए सख्त नियम: अब सवारी की संख्या और रफ्तार पर लगेगी लगाम

राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाले ई-रिक्शाओं की बढ़ती संख्या और उनसे होने वाले हादसों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 'दिल्ली ई-रिक्शा पंजीकरण और संचालन योजना 2026' का ड्राफ्ट पेश किया है। इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को सुरक्षित बनाना और सड़कों पर ई-रिक्शाओं की अनियंत्रित भीड़ को रोकना है। दिल्ली ई-रिक्शा नियम 2026 के तहत अब सवारी ढोने की क्षमता से लेकर गाड़ियों की कुल संख्या तक सब कुछ तय किया जाएगा।
इस सख्त कदम के पीछे की सबसे बड़ी वजह सुरक्षा है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से सितंबर 2025 के बीच केवल ई-रिक्शाओं से जुड़े 108 हादसे हुए, जिनमें 24 लोगों की जान चली गई और 100 लोग घायल हुए। इसी खतरे को कम करने के लिए सरकार ने अब पूरे शहर में ई-रिक्शा की कुल संख्या को अधिकतम 2.5 लाख पर सीमित करने का प्रस्ताव रखा है।
सवारियों की सीमा और ड्राइविंग के नए मानक
नए नियमों के मुताबिक, अब एक ई-रिक्शा में ड्राइवर के अलावा अधिकतम चार यात्री ही बैठ सकेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिक्शा में खड़े होकर यात्रा करने या ड्राइवर के बगल में बैठने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से इन वाहनों की अधिकतम रफ्तार 25 किमी प्रति घंटा तय की गई है और मोटर पावर 2,000 वॉट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
नियमों में कुछ अन्य तकनीकी और कानूनी बदलाव भी शामिल हैं:
- ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और PSV बैज होना अनिवार्य होगा।
- हर वाहन और ड्राइवर के लिए दो साल की वैधता वाला 'डिजिटल ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट' (ECC) होगा।
- एक व्यक्ति अधिकतम 5 और बड़ी कंपनियां अधिकतम 100 ई-रिक्शा ही रख सकेंगी।
- वाहनों में बुल बार और शोर मचाने वाले म्यूजिक सिस्टम लगाने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
सरकार ने चेतावनी दी है कि बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा और उन्हें नष्ट (crush) भी किया जा सकता है। यह पूरा ड्राफ्ट 18 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है, जिस पर 30 दिनों तक जनता से सुझाव मांगे गए हैं। लोग अपने सुझाव [email protected] पर भेज सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सुझावों की समीक्षा के बाद 90 दिनों के भीतर इन नियमों को पूरी तरह लागू कर दिया जाए। हालांकि, इस कदम से ड्राइवरों की कमाई घटने की चिंता जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन का जोर यात्रियों की सुरक्षा पर है।