दिल्ली की डिप्टी मेयर मोनिका पंत ने गिरधारी लाल अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

दिल्ली की डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत ने मंगलवार को गिरधारी लाल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, चिकित्सा सेवाओं और बुनियादी ढांचे की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन को मरीज-अनुकूल सेवाएं और बेहतर इलाज की सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जरूरी निर्देश दिए। डिप्टी मेयर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और साफ-सफाई के ऊंचे मानकों को बनाए रखने की बात कही। उन्होंने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की और इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को समय पर जरूरी दवाइयां मिलनी चाहिए। डॉ. मोनिका पंत ने बताया कि मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से अस्पताल में जल्द ही आधुनिक तकनीक वाली मेडिकल मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने आगे जानकारी दी कि अस्पताल में डायलिसिस मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। मरीजों की जरूरत के हिसाब से अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरण भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। डिप्टी मेयर ने बताया कि अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए करीब चार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन फंडों का इस्तेमाल अस्पताल की बुनियादी संरचना में जरूरी सुधार करने और मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए बेहतर माहौल बनाने में किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डॉ. मोनिका पंत ने मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत भी की। उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और इलाज को लेकर फीडबैक लिया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मरीजों को सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में जल्द ही एक जन औषधि केंद्र खोलने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ दवाओं की आसानी से उपलब्धता भी एक अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा है। डिप्टी मेयर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों की जरूरतों को सबसे ऊपर रखा जाए और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मरीज की देखरेख में लगातार सुधार लाने के लिए साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए।