दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, GRAP स्टेज 1 लागू; धूल नियंत्रण पर CAQM की सख्त चेतावनी

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 244 तक पहुँचने के बाद, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने आधिकारिक तौर पर दिल्ली डस्ट पॉल्यूशन और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) का स्टेज 1 लागू कर दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बुधवार को CAQM के चेयरमैन राजेश वर्मा और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के बीच एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई, जिसमें शहर में बढ़ती धूल और मलबे पर गहरी चिंता जताई गई।
यह पूरी कार्रवाई अक्टूबर की शुरुआत में किए गए एक निरीक्षण के बाद की गई है, जिसमें सड़कों पर भारी मात्रा में धूल और निर्माण कार्यों से निकले मलबे का जमाव पाया गया था। इसी लापरवाही को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) को नोटिस जारी कर सफाई प्रयासों का ब्योरा देने के लिए बुलाया गया था। समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि कई निर्माण एजेंसियां और विभाग धूल रोकने के अनिवार्य नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। खासकर खुदाई के दौरान विंड बैरियर और डस्ट स्क्रीन लगाने जैसे जरूरी कदमों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, सड़कों पर बढ़ेगी निगरानी
CAQM ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सभी संबंधित एजेंसियां वैधानिक निर्देशों का सख्ती से पालन करें। यदि प्रोजेक्ट चलाने वाले लोग, लागू करने वाली एजेंसियां या जिम्मेदार अधिकारी इन नियमों को लागू करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
GRAP स्टेज 1 लागू होने के बाद अब शहर में निम्नलिखित पाबंदियां और निर्देश प्रभावी होंगे:
- सड़कों और खुले क्षेत्रों में धूल को नियंत्रित करने के उपायों को और तेज किया जाएगा।
- खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
- सड़क किनारे चलने वाले ढाबों और ईटरीज में कोयले व लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेटों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी एजेंसियों के कामकाज पर पैनी नजर रखे ताकि प्रदूषण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।