दिल्ली दशहरा: रावण के साथ जलेगा 30 फुट का कॉकरोच, प्रदूषण के खिलाफ दिया जाएगा संदेश

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली दशहरा: रावण के साथ जलेगा 30 फुट का कॉकरोच, प्रदूषण के खिलाफ दिया जाएगा संदेश

राजधानी दिल्ली में इस बार विजयदशमी का जश्न सिर्फ परंपराओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह समाज को एक जरूरी संदेश देने का जरिया बनेगा। 20 अक्टूबर 2026 को होने वाले दशहरा आयोजनों में इस बार वायु प्रदूषण और सार्वजनिक स्वच्छता जैसे गंभीर मुद्दों को केंद्र में रखा गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में रावण के पुतलों के साथ-साथ उन बुराइयों को भी जलाया जाएगा जो दिल्ली की सेहत बिगाड़ रही हैं।

सबसे अनोखा प्रयोग पीतमपुरा में देखने को मिलेगा। यहाँ की श्री केशव रामलीला कमेटी ने तय किया है कि वे पारंपरिक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ-साथ एक 30 फुट ऊंचे 'कॉकरोच' का पुतला भी जलाएंगे। कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल देवराहा का कहना है कि इस कॉकरोच को रावण की सेना के राक्षसों के बीच दिखाया जाएगा। इसका मकसद 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियान को मजबूती देना है और यह पूरी तरह से सामाजिक संदेश के लिए है, इसमें कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है।

हाईटेक रावण और प्रदूषण पर प्रहार

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वहीं, लव कुश रामलीला कमेटी इस बार अपने मंच के जरिए दवाओं की कालाबाजारी और बढ़ते प्रदूषण जैसे संकटों पर प्रहार करेगी। यहाँ 110 फुट ऊंचा रावण बनाया गया है, जिसकी तलवारें हिलेंगी और आंखें चमकेंगी, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। दूसरी ओर, द्वारका में आयोजकों ने आधुनिकता अपनाते हुए डिजिटल टिकटिंग की व्यवस्था की है और केवल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल का फैसला लिया है।

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही है और आईटीओ इलाके में AQI 425 तक पहुंच गया है। प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने एनडीएमसी क्षेत्र में नियंत्रण उपायों की समीक्षा की है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक कड़े प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है। इस दौरान बीएस-वीआई (BS-VI) मानक पूरे न करने वाले वाहनों पर रोक रहेगी, हालांकि सीएनजी, इलेक्ट्रिक और आपातकालीन वाहनों को इससे छूट दी गई है। साथ ही, निर्माण स्थलों के लिए 'डस्ट पोर्टल 2.0' पर पंजीकरण और हाई-क्वालिटी ग्रीन नेटिंग का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। ये कदम केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद उठाए गए हैं ताकि हॉटस्पॉट इलाकों में प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

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