दिल्ली दशहरा उत्सव: रावण के साथ जलेगा 30 फुट का कॉकरोच, स्वच्छता का संदेश देंगे पीतमपुरा के लोग

राजधानी दिल्ली में इस बार का दशहरा उत्सव बेहद अनोखा और चर्चा का विषय होने वाला है। 20 अक्टूबर 2026 को होने वाले इस जश्न में जहां एक तरफ पारंपरिक तरीके से बुराई पर अच्छाई की जीत मनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ पीतमपुरा में एक ऐसा पुतला जलाया जाएगा जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा। यहां रावण, कुंभकरण और मेघनाद के साथ-साथ 30 फुट ऊंचे एक विशाल कॉकरोच का पुतला भी फूंका जाएगा।
पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला कमेटी ने इस बार स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए यह अनूठा कदम उठाया है। कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल देवराहा ने बताया कि कॉकरोच का पुतला जलाना असल में गंदगी और अस्वच्छता को खत्म करने का एक प्रतीक है। यह पहल 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियान को मजबूती देने के लिए की गई है, ताकि लोग अपने आसपास सफाई रखने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले का किसी भी राजनीतिक दल या चर्चा से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से सामाजिक संदेश देने की कोशिश है।
लाल किले पर सितारों से सजी रामलीला और पुतलों की तैयारी
दिल्ली में दशहरे की रौनक केवल पीतमपुरा तक सीमित नहीं है। लाल किले के मैदान में आयोजित होने वाली प्रसिद्ध 'लव कुश रामलीला' इस बार भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 11 अक्टूबर से शुरू हुई यह रामलीला 21 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें बड़े सितारों की मौजूदगी और भव्य मंचन के जरिए दर्शकों को रामायण की गाथा सुनाई जा रही है।
पुतलों के निर्माण की बात करें तो कलाकार शाहवेज खान इन विशाल पुतलों को आकार दे रहे हैं। खान ने बताया कि रावण जैसे मुख्य पुतलों को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगता है, जबकि इस विशेष कॉकरोच के पुतले को बनाने में लगभग 3 से 4 दिन का वक्त लगा है।
दशहरे के दिन यानी 20 अक्टूबर को रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम शाम 6:00 बजे से 7:45 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा। समय का निर्धारण सूर्यास्त और स्थानीय व्यवस्थाओं के आधार पर किया गया है, ताकि लोग बड़ी संख्या में जुटकर इस अनोखे और पारंपरिक उत्सव का हिस्सा बन सकें।