दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को मिलेंगे 1300 पिंक ई-ऑटो, शुरू हुई DURGA योजना

दिल्ली की सड़कों पर अब पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो नजर आएंगे, जो न केवल प्रदूषण कम करेंगे बल्कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कमाई के नए अवसर भी खोलेंगे। दिल्ली सरकार ने दिल्ली दुर्गा ई-ऑटो योजना (Driving, Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green E-Auto) की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस खास पहल का मकसद शहर में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इन समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 23 सितंबर 2026 को कैबिनेट द्वारा इस योजना को मंजूरी दी गई थी। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने 11 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि इस योजना के पहले चरण में कुल 1,300 पिंक ई-ऑटो तैनात किए जाएंगे। इसमें से 1,170 ऑटो महिलाओं के लिए और 130 ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस कदम से स्वरोजगार को बढ़ावा मिले और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी बढ़े।
कौन कर सकता है आवेदन और क्या हैं शर्तें?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति को दिल्ली का निवासी होना चाहिए और उनकी उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के पास वैध वोटर आईडी, लाइट मोटर व्हीकल (LMV) लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना अनिवार्य है।
महिला आवेदकों के लिए कुछ वित्तीय और पारिवारिक शर्तें भी रखी गई हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उनके परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उनके पास पहले से कोई ट्रांसपोर्ट वाहन या थ्री-व्हीलर नहीं होना चाहिए और तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। वहीं, ट्रांसजेंडर आवेदकों को दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा जारी वैध प्रमाण पत्र देना होगा।
पूरी आवेदन प्रक्रिया नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा विकसित एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पूरी की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली कमेटियां आवेदनों का सत्यापन करेंगी और यदि आवेदकों की संख्या तय कोटे से ज्यादा हुई, तो ऑनलाइन ड्रा के जरिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
योजना के तहत प्रत्येक राजस्व जिले में महिलाओं के लिए अधिकतम 90 और ट्रांसजेंडर्स के लिए 10 ई-ऑटो आवंटित किए जाएंगे। चयनित लाभार्थियों को तीन साल की लॉक-इन अवधि का पालन करना होगा और उनके वाहनों पर 'DURGA' ब्रांडिंग होगी। इसके अलावा, उन्हें दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन का लाभ भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं, परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि इस बेड़े को बेहतर ढंग से चलाने के लिए दिल्ली मेट्रो और नमो भारत RRTS स्टेशनों पर समर्पित पार्किंग और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए DMRC और NCRTC से अनुरोध किया गया है।