दिल्ली सरकार ने लॉन्च की 'दुर्गा ई-ऑटो योजना', महिलाओं और ट्रांसजेंडर को मिलेंगे 1300 पिंक ई-ऑटो

दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 को DURGA E-Auto Scheme (ड्राइविंग, अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर विमेन/ट्रांसजेंडर ई-ऑटो) के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को आधिकारिक तौर पर सक्रिय कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के इन वर्गों को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है।
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि योजना के पहले चरण में कुल 1,300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इनमें से 1,170 ऑटो महिलाओं के लिए और 130 ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया अगले तीन महीनों तक खुली रहेगी। प्रशासन ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक कोटा सिस्टम बनाया है, जिसके तहत दिल्ली के प्रत्येक राजस्व जिले में महिलाओं के लिए 90 और ट्रांसजेंडर्स के लिए 10 ई-ऑटो तय किए गए हैं। यदि आवेदकों की संख्या निर्धारित सीटों से अधिक होती है, तो चयन के लिए ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
किसे मिलेगा लाभ? जानें पात्रता और शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं। आवेदक की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनके पास दिल्ली का वैध वोटर आईडी कार्ड होना अनिवार्य है। इसके अलावा, आवेदक के पास लाइट मोटर व्हीकल (LMV) ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना चाहिए।
आर्थिक पात्रता की बात करें तो, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के नाम पर पहले से कोई पंजीकृत परिवहन वाहन नहीं होना चाहिए। महिला आवेदकों के लिए अधिकतम तीन बच्चों तक की सीमा तय की गई है, जबकि ट्रांसजेंडर आवेदकों को दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रमाण पत्र देना होगा।
सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए बुनियादी ढांचे का भी इंतजाम किया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने DMRC के साथ समन्वय किया है, जिसके तहत 70 मेट्रो स्टेशनों पर चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, नए ड्राइवरों की मदद के लिए ओला, उबर, रैपिडो और भारत टैक्सी जैसे एग्रीगेटर्स के साथ साझेदारी की गई है, जो शुरुआती छह महीनों तक मुफ्त ऑनबोर्डिंग और सब्सक्रिप्शन सेवाएं देंगे। गौरतलब है कि इन वाहनों के लिए तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी और लाभार्थियों को दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 के तहत प्रोत्साहन भी मिलेगा।