दिल्ली DTC बस हड़ताल खत्म होने की कगार पर: सरकार ने लगाया ESMA, निजी ऑपरेटरों की मदद से बहाल हुए 96% रूट

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बस ड्राइवरों की हड़ताल, जो 16 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी, अब धीमी पड़ गई है। दिल्ली सरकार ने आवश्यक सेवाओं के रखरखाव अधिनियम (ESMA) को लागू कर दिया है, जिससे हड़ताल का असर कम हुआ है। सरकार के गृह विभाग ने 25 सितंबर 2026 को एक औपचारिक अधिसूचना जारी कर DTC और क्लस्टर बस सेवाओं को छह महीने की अवधि के लिए आवश्यक सेवा घोषित किया है।
- ESMA लागू होने के बाद 96% बस संचालन बहाल हुए।
- 500 DTC ड्राइवर निजी बस ऑपरेटरों की मदद के लिए तैनात किए गए।
- JBM Eco Life Mobility Pvt. Ltd. के ड्राइवर पांच बस डिपो पर तैनात किए गए।
- 24 से 30 सितंबर के बीच ड्राइवरों और कंडक्टरों के साप्ताहिक विश्राम दिवस रद किए गए।
निजी ऑपरेटरों और कानूनी हस्तक्षेप का प्रभाव
परिवहन संकट को दूर करने के लिए DTC ने 500 ड्राइवरों को निजी बस ऑपरेटरों की सहायता के लिए तैनात किया है। इसके अलावा, JBM Eco Life Mobility Pvt. Ltd. के ड्राइवरों को पांच बस डिपो पर तैनात किया गया है, जिनकी सैलरी का भुगतान निजी फर्म द्वारा किया जाएगा। DTC के अनुसार, अब तक लगभग 96% बस संचालन फिर से शुरू हो गया है।
कोर्ट और अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 सितंबर 2026 को सरकार से सवाल किया कि ESMA को पहले क्यों नहीं लागू किया गया और अधिकारियों को सामान्य बस सेवाओं को बहाल करने का निर्देश दिया। DTC ने स्पष्ट किया कि ESMA लागू करने का प्रस्ताव सितंबर 16 और 17 को ही भेज दिया गया था। प्रशासन ने उन कर्मचारियों कर्मचारियों के खिलाफ शो-कॉज नोटिस और निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है, जिन्हें संचालन में बाधा डालने वाले पाया गया।
यात्रियों की समस्या और सरकारी अधिकारी का बयान
लंबी हड़ताल के कारण यात्रियों, विशेष रूप से छात्रों और कम आय वाले श्रमिकों के लिए भारी परेशानी हुई, जिससे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर दबाव बढ़ा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भविष्य के अवरोधों को prevent (रोकने) के लिए ESMA का कार्यान्वयन एक आवश्यक कदम था।