दिल्ली में DTC बसों का कहर: दो अलग हादसों में दो की मौत, परिजनों ने सड़क जाम कर जताया विरोध

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर शनिवार को दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) की बसों ने जमकर कहर बरपाया। शहर के दो अलग-अलग इलाकों में हुए भीषण सड़क हादसों में दो लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद न केवल पुलिस जांच में जुटी है, बल्कि पीड़ित परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा है और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।
पहला हादसा वसंत कुंज इलाके में फोर्टिस अस्पताल के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के रहने वाले 33 वर्षीय प्रमोद मलिक, जो मसूदपुर में रहते थे और पेशे से कैब ड्राइवर थे, अपनी मोटरसाइकिल से महिपालपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार DTC बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल प्रमोद को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के तुरंत बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। वसंत कुंज साउथ पुलिस स्टेशन में लापरवाही से गाड़ी चलाने और मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी ड्राइवर की तलाश कर रही है।
आनंद पर्वत हादसा और मुंडका में चक्का जाम
दूसरा दर्दनाक हादसा आनंद पर्वत के DBG रोड पर हुआ। यहाँ एक अनियंत्रित DTC बस ने पैदल चलने वालों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस टक्कर में एक स्कूटर पर सवार दो लोग भी चपेट में आए, जिसमें 40 वर्षीय अतुल भारद्वाज की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। शुरुआती खबरों में महिला ड्राइवर के भागने की बात कही गई थी, हालांकि कुछ सूत्रों के अनुसार उसे पकड़ लिया गया है।
इस मौत के बाद रविवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। अतुल भारद्वाज के परिवार और रानी खेड़ा के ग्रामीणों ने मुंडका में करीब तीन घंटे तक 'चक्का जाम' कर सड़क रोक दी। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर अपना विरोध जताया। उनकी मांग है कि सरकार मृतक की पत्नी को एक सरकारी नौकरी दे और परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बस को अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की गहराई से जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही से हुआ या बस में किसी तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ।