दिल्ली में नकली दवाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन, लाखों की दवाएं जब्त
दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने नकली दवाओं के खिलाफ अभियान चलाकर लाखों रुपये की दवाएं जब्त की हैं और कई केस दर्ज किए हैं।

राजधानी दिल्ली में सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकली दवा कारोबारियों के खिलाफ ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभाग ने हाल ही में एक बड़ा अभियान चलाते हुए भारी मात्रा में अवैध और नकली दवाएं पकड़ी हैं। इस कार्रवाई के दौरान न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को पकड़ा गया, बल्कि यह भी सामने आया कि बाजार में बिना बैच नंबर और एक्सपायरी डेट वाली दवाएं धड़ल्ले से बेची जा रही हैं।
ताजा कार्रवाई दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर सेल और ड्रग्स कंट्रोल विभाग के एक संयुक्त ऑपरेशन में देखने को मिली। दरीबगंज के पदम चंद मार्ग स्थित टी-पॉइंट के पास एक वाहन से करीब 13.29 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाएं जब्त की गई हैं। जब्त किए गए सामान में Bio-D3 Plus, Voveran SR 100 और Amaryl MV 2 mg जैसे पांच कार्टन शामिल थे। मौके से पकड़े गए व्यक्ति के पास न तो कोई वैध ड्रग लाइसेंस था और न ही दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़ा कोई दस्तावेज। हैरान करने वाली बात यह थी कि Voveran SR 100 की कई स्ट्रिप्स पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और MRP जैसी जरूरी जानकारियां तक नहीं थीं।
निरीक्षण में खुला बड़ा खेल, दर्ज हुए कई केस
ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने पिछले एक तिमाही में कुल 569 निरीक्षण किए, जिनमें से 272 मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इनमें से 86 मामले ऐसी दवाओं से जुड़े थे जो आदत बनाने वाली या साइकोट्रोपिक पदार्थ थे। विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच में भी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कुल 43 स्पेसिमेन सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 26 को नकली या मिलावटी पाया गया। इसके अलावा, 19 कॉस्मेटिक नमूनों में से दो सैंपल क्वालिटी मानकों पर फेल रहे।
इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है। नकली दवाओं के व्यापार के लिए छह मामले और बिना लाइसेंस संचालन के लिए दो मामले दर्ज किए गए हैं। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत आठ मामलों में कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है, जबकि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और दिल्ली पुलिस के सहयोग से NDPS एक्ट के तहत छह FIR दर्ज की गई हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने साफ किया है कि सरकार अनधिकृत या नकली दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण के मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में दवाओं की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।