दिल्ली में नकली दवाओं के खिलाफ ड्रग्स कंट्रोल विभाग का बड़ा एक्शन, दरीबगंज में छापेमारी
दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने नकली दवाओं के खिलाफ अभियान तेज किया है। दरीबगंज में बड़ी मात्रा में अवैध दवाएं जब्त की गईं।

राजधानी दिल्ली में नकली और घटिया दवाओं के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शहर में बढ़ते नियमों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग अब पूरी सख्ती से छापेमारी कर रहा है, ताकि आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले गिरोहों को पकड़ा जा सके।
हालिया आंकड़ों की बात करें तो पिछली तिमाही के दौरान विभाग ने कुल 569 निरीक्षण किए, जिनमें से 272 मामलों में नियमों की अनदेखी पाई गई। अधिकारियों ने कुल 433 कानूनी नमूने और 43 स्पेसिमेन नमूने लिए, जिनमें से 26 नमूनों की जांच रिपोर्ट में उन्हें पूरी तरह से नकली या मिलावटी पाया गया।
दरीबगंज में पुलिस और विभाग की बड़ी कार्रवाई
इस अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई दरीबगंज इलाके में की गई। दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के साइबर सेल के साथ मिलकर पदम चंद मार्ग के पास टी-पॉइंट पर छापेमारी की। इस दौरान एक वैगनआर गाड़ी से पांच कार्टन अवैध दवाएं बरामद की गईं। जब्त किए गए स्टॉक की कीमत करीब 13.29 लाख रुपये बताई जा रही है।
पकड़ी गई दवाओं में Bio-D3 Plus, Voveran SR 100 और Amaryl MV 2 mg जैसे ब्रांड शामिल थे। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी के पास दवाओं की बिक्री या खरीद का कोई वैध लाइसेंस या रिकॉर्ड नहीं था। हैरान करने वाली बात यह थी कि Voveran SR 100 की पट्टियों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और एमआरपी (MRP) जैसी जरूरी जानकारियां तक नहीं लिखी थीं।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकार अनधिकृत या नकली दवाओं की बिक्री और वितरण के मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में स्वास्थ्य मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा।
विभाग की यह कार्रवाई केवल सामान्य दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि नशीली और साइकोट्रोपिक दवाओं पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। पकड़े गए 272 उल्लंघन मामलों में से 86 मामले ऐसी ही नशीली दवाओं से जुड़े थे। अब तक ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत आठ मामले दर्ज किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर की गई छापेमारी के बाद NDPS एक्ट के तहत छह FIR दर्ज की गई हैं।