दिल्ली के नाले में बहे 18 साल के अंकित के पिता ने मांगे जवाब, NHRC ने लिया संज्ञान

दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में भारी बारिश के दौरान शुक्रवार शाम 7 अगस्त 2026 को एक 18 साल के पैंट्री वर्कर अंकित कुमार की नाले में बहने से मौत हो गई। अंकित कुमार, जो भीम कॉलोनी, अली गांव इलाके के रहने वाले थे, नोएडा से काम से लौट रहे थे जब वह सरिता विहार के पास प्रियंका कैंप नाले में संतुलन बिगड़ने से गिर गए। उनके दोस्त मनीष ने इस घटना को अपनी आंखों से देखा था, जो उस समय उनके साथ थे।
दिल्ली पुलिस, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) और दिल्ली फायर सर्विस द्वारा चलाए गए बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद शनिवार शाम 8 अगस्त 2026 को उनका शव आगरा कैनाल से बरामद किया गया। डीसीपी हेमंत तिवारी ने पुष्टि की कि घटना के बाद सर्च ऑपरेशन जारी था। अंकित के पिता सुनील कुमार ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया है कि उनके बेटे की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है और आरोप लगाया कि प्रशासन ने पूरी तलाशी लेने में 24 घंटे का समय लगा दिया। सुनील कुमार ने यह भी बताया कि इसी नाले में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, हालांकि तब किसी की जान नहीं गई थी।
NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान
इस घटना ने सिविक नेग्लीजेंस (नागरिक लापरवाही) पर ध्यान आकर्षित किया है, जिसके बाद नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने खुले नालों में ऐसी मौतों पर *suo motu* (स्वतः) संज्ञान लिया है। NHRC ने पाया है कि ऐसी रिपोर्टें सिविक अथॉरिटीज की साफ लापरवाही के कारण मानवाधिकारों के हनन के गंभीर मुद्दे उठाती हैं। आयोग ने चार सप्ताह के भीतर FIR की स्थिति और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई सहित एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिक जानकारी के लिए News On Air पर देख सकते हैं।