दिल्ली में 24 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, जानिए करेक्शन और अंतिम प्रकाशन की पूरी तारीख

दिल्ली की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के पहले चरण के पूरा होने के बाद, दिल्ली का ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) अशोक कुमार ने इस शेड्यूल की पुष्टि की है। इसके साथ ही, नागरिकों को 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इस दौरान रेजिडेंट्स नए रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म 6 और विवरण में सुधार के लिए फॉर्म 8 का उपयोग कर सकते हैं।
- दिल्ली में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त 2026 को होगी पब्लिश।
- 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक दर्ज करा सकेंगे दावे और आपत्तियां।
- अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन 27 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
- कांग्रेस पार्टी ने BLOs पर फॉर्म न बांटने और बड़े पैमाने पर नाम हटाने के आरोप लगाए हैं।
दावे और आपत्तियों का निस्तारण
इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण 24 अगस्त से 22 अक्टूबर 2026 के बीच किया जाएगा, जिसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित होगा। यह रिवीजन ड्राइव 30 जून 2026 को शुरू हुई थी, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया था और ऑनलाइन सबमिशन के विकल्प भी दिए गए थे।
वोटर्स के नाम छूटने की चिंता और कांग्रेस के आरोप
ड्राफ्ट लिस्ट से वोटर्स के बाहर होने को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। मौजूदा डेटा के मुताबिक, शहर के 1.45 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स में से केवल 97.47 लाख फॉर्म (लगभग 67.18% से 67.2%) ही डिजिटाइज हो पाए हैं। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 30-33% रजिस्टर्ड वोटर्स (अनुमानित 47 से 47.7 लाख लोग) ड्राफ्ट लिस्ट से छूट सकते हैं। कई लोगों को 'Absent, Shifted, Dead, Duplicate or Other' (ASDDO) के रूप में चिह्नित किया गया है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि BLOs ने झुग्गी बस्तियों, गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में फॉर्म वितरित नहीं किए। इस स्थिति के जवाब में, Election Commission of India (ECI) के एडिश्नल सेक्रेटरी संदीप कुमार ने नए शेड्यूल को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और आम जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव अधिकारियों की सलाह
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन रेजिडेंट्स ने दूसरे राज्यों में पहले ही SIR पूरा कर लिया है, वे रजिस्ट्रेशन की जटिलताओं से बचने के लिए दिल्ली में दोबारा SIR फॉर्म न भरें। पुराने रिकॉर्ड की अशुद्धियों को ठीक करने के लिए, अधिकारियों ने निर्धारित दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान फॉर्म 8 के माध्यम से अपडेटेड जानकारी सबमिट करने की सलाह दी है।