दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 18 मतदान केंद्रों पर 100 से कम मतदाता दर्ज

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी मतदाता सूची के अनुसार 18 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां 100 से कम मतदाता पंजीकृत हैं। इस सूची में चार केंद्र ऐसे हैं जहां 10 से भी कम मतदाता दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा चांदनी चौक और कालकाजी विधानसभा क्षेत्रों के दो मतदान केंद्रों पर केवल एक-एक ही पंजीकृत मतदाता है। यह नई ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत कुल 97.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं जबकि 47 लाख से अधिक लोगों के नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 33.1 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे।
चुनाव अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश और नियम
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर चिंताओं को दूर करने के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मतदाता पंजीकरण अधिकारी किसी भी मतदाता को अयोग्य घोषित करने या नाम हटाने से पहले सख्त 10-सूत्रीय चेकलिस्ट का पालन करें। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग ने पुष्टि की है कि ये चुनावी प्रक्रियाएं आयोग के सर्वसम्मति से लिए गए निर्णयों के माध्यम से तय की गई थीं। लॉजिकल विसंगतियों के कारण नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अब व्यक्तिगत सुनवाई के लिए जाने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय बूथ लेवल अधिकारी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए घर-घर जाकर जांच करेंगे।
मतदाता सूची अपडेट की अंतिम तारीख और आगे का कार्यक्रम
मतदाता सूची के अपडेट की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। इसके तहत अब दिल्ली एसआईआर में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक कर दी गई है। इन दावों का निपटान 30 नवंबर तक जारी रहेगा और उसके बाद 4 दिसंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 28 सितंबर को विशेष नामांकन शिविर आयोजित किए गए थे। इसके अलावा 29 और 30 सितंबर को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में युवा मतदाताओं के लिए अतिरिक्त सत्र आयोजित किए जाने की योजना थी।