दिल्ली में त्योहारों से पहले बड़ा एक्शन, देसी घी के 19 सैंपल निकले असुरक्षित

त्योहारों के सीजन में जब बाजारों में मिठाइयों और पकवानों की मांग बढ़ जाती है, तब मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने एक बड़ा अभियान चलाकर राजधानी के बाजारों की पोल खोल दी है। इस जांच में देसी घी के नमूनों में भारी गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिससे आम जनता की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
विभाग द्वारा कुल 59 देसी घी के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 19 सैंपल पूरी तरह से 'असुरक्षित' पाए गए। इसके अलावा 4 अन्य सैंपल भी निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसका मतलब है कि जांचे गए लगभग 39% उत्पाद सेहत के लिए खतरनाक या घटिया क्वालिटी के थे। इस गंभीर स्थिति पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मिलावटखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इन ब्रांड्स और इलाकों में मिली मिलावट
यह सैंपलिंग दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, नाहरपुर, पोसांगीपुर, रामपुरा, टैगोर गार्डन, कल्याणपुरी, कृष्णा विहार और कोंडली से की गई थी। जांच में कई ब्रांड्स असुरक्षित पाए गए हैं, जिनमें हरियाणा लाइट, हरियाणा सुप्रीम, हरियाणा डेयरी, हरियाणा प्योर, श्री हरियाणा किंग, श्री हरियाणा फूड्स, करतार, प्रभास, मधु संगम, राधा कृष्णा, न्यू पंजाब सुपर ब्रांड, अक्षरा, आनंद गोल्ड, श्री नंदन, श्री मोहन और श्री कृष्णा शामिल हैं। जिन दुकानों और प्रतिष्ठानों पर ये असुरक्षित घी बिक रहे थे, उन्हें बंद करने के आदेश दिए गए हैं और उनके लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सिर्फ बाजार ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग और ई-कॉमर्स वेयरहाउस की भी हालत बदतर मिली है। झील खुरेनजा में जेप्टो लिमिटेड (Zepto Limited) के वेयरहाउस सहित उत्तम नगर, वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया, दरियागंज और रोहिणी के डार्क स्टोर्स की जांच की गई। वहां एक्सपायरी डेट वाले सामान, गंदगी, मक्खियों और चूहों का आतंक मिला। साथ ही कोल्ड चेन तापमान को बनाए रखने में भी बड़ी लापरवाही पाई गई। अधिकारियों ने इन संस्थाओं को सुधार नोटिस जारी किया है और साफ-सफाई के सख्त निर्देश दिए हैं।