दिल्ली में डेंगू का कहर: अक्टूबर के 17 दिनों में ही 304 नए मामले आए सामने
दिल्ली में डेंगू के मामलों में भारी उछाल आया है। अक्टूबर के शुरुआती 17 दिनों में ही 304 केस दर्ज हुए, जिससे प्रशासन अलर्ट पर है।

देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों डेंगू ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अक्टूबर के महीने की शुरुआत से ही संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज रही है कि महज 17 दिनों के भीतर 304 नए मरीज रिपोर्ट किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले पूरे सितंबर महीने के कुल मामलों (286) से भी ज्यादा है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 तक शहर में डेंगू के कुल 901 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से लगभग एक-तिहाई संक्रमण अकेले अक्टूबर में फैला है।
राहत की बात यह है कि इस साल अब तक डेंगू से किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में अन्य बीमारियों का भी जिक्र है, जिसमें अब तक 266 मलेरिया और 29 चिकुनगुनिया के मामले सामने आ चुके हैं।
MCD ने कसी कमर, लाखों घरों की जांच और भारी जुर्माना
बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। निगम ने अपने सभी 12 प्रशासनिक जोन में निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। मलेरिया निरीक्षकों और डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स ने अब तक करीब 3.18 करोड़ घरों की जांच की है। इस दौरान 1.89 लाख से ज्यादा घरों और व्यावसायिक परिसरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं।
लापरवाही बरतने वालों पर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। अब तक 1.32 लाख से ज्यादा कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं और 20,882 चालान काटे गए हैं, जिनसे कुल 29.70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
इस स्वास्थ्य संकट पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी अस्पतालों की तैयारी और सामुदायिक जागरूकता पर जोर दिया है। दूसरी ओर, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने स्थानीय प्रशासन पर बचाव के पुख्ता इंतजाम न करने का आरोप लगाया है।
बीमारियों से बचाव के लिए स्वामी दयानंद अस्पताल और MCD ने मिलकर जागरूकता अभियान भी चलाया है। हालांकि, जुलाई 2026 में 4 से 60 वर्ष के लोगों के लिए 'Qdenga' वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन केवल एक अतिरिक्त सुरक्षा है, असली बचाव मच्छरों के प्रजनन को रोकने और साफ-सफाई रखने में ही है।