दिल्ली: 10 रुपये के फटे नोट पर विवाद, डिलीवरी बॉय ने की आत्महत्या
दिल्ली में एक डिलीवरी बॉय ने 10 रुपये के फटे नोट को लेकर हुए विवाद और मारपीट के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां महज 10 रुपये के एक फटे नोट को लेकर हुए विवाद ने एक 24 साल के युवक की जान ले ली। फ्लिपकार्ट मिनट्स (Flipkart Minutes) के डिलीवरी पार्टनर समीर हुसैन ने कथित तौर पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के बाद आत्महत्या कर ली। यह पूरी घटना दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके की है, जिसने एक बार फिर डिलीवरी पार्टनर्स की मुश्किलों और समाज में बढ़ती असहिष्णुता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली डिलीवरी बॉय सुसाइड का यह मामला अब पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में है।
घटना की शुरुआत 4 अक्टूबर 2026 की रात को हुई, जब समीर हुसैन एक कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर पूरा करने कल्याणपुरी पहुंचा था। भुगतान के दौरान ग्राहक ने उसे 10 रुपये का एक फटा हुआ नोट दिया, जिसे लेने से समीर ने इनकार कर दिया। आरोप है कि इस छोटी सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि ग्राहक ने समीर को गालियां दीं, उसकी आर्थिक स्थिति का मजाक उड़ाया और उसे तीन बार जोरदार थप्पड़ मारे। इस घटना के तुरंत बाद रात 11:03 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल किया गया और 5 अक्टूबर की आधी रात तक समीर की एमएलसी (MLC) तैयार कर ली गई। कल्याणपुरी थाने में इस मामले की एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत और पुलिस कार्रवाई
मारपीट और मानसिक तनाव के चलते समीर ने 5 अक्टूबर को कोई जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 16 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद 20 अक्टूबर को समीर ने दम तोड़ दिया। समीर की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) जोड़ दी है। इस मामले में पुलिस ने राकेश उर्फ बंटी (30 वर्ष) और रामपाल सिंह (65 वर्ष) नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
समीर ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी कंपनी और पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया पर गहरा दुख जताया था। वहीं, समीर की मां ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान आरोपी अपनी राजनीतिक पहुंच और रसूख का बखान कर रहे थे। उन्होंने सरकार से अपने बेटे की मौत के मामले में उचित न्याय और हस्तक्षेप की मांग की है।
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, फटे या गंदे नोट कानूनी तौर पर मान्य होते हैं और उन्हें किसी भी बैंक शाखा में बदला जा सकता है। लेकिन इस मामले में एक मामूली नोट के विवाद ने एक युवा की जिंदगी खत्म कर दी।