दिल्ली: 10 रुपये के फटे नोट पर विवाद, मारपीट से आहत डिलीवरी बॉय ने की आत्महत्या

दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर में 10 रुपये के फटे नोट को लेकर हुए विवाद और मारपीट के बाद एक डिलीवरी बॉय ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली: 10 रुपये के फटे नोट पर विवाद, मारपीट से आहत डिलीवरी बॉय ने की आत्महत्या

राजधानी दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 10 रुपये के एक फटे नोट को लेकर हुए विवाद ने एक 24 वर्षीय युवक की जान ले ली। Flipkart Minutes के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव समीर हुसैन ने मारपीट और अपमान से टूटकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना उस समय हुई जब समीर अपने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले मौत के करीब पहुंच गया।

पूरी घटना 4 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, समीर हुसैन एक डिलीवरी देने गया था, जहां भुगतान के दौरान उसे 10 रुपये का एक फटा हुआ नोट दिया गया। समीर ने उस फटे नोट को लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वहां मौजूद 65 वर्षीय रामपाल सिंह के साथ उसकी बहस हो गई। आरोप है कि रामपाल सिंह ने समीर को कई थप्पड़ मारे। विवाद यहीं नहीं रुका, रामपाल का 30 वर्षीय पोता राकेश (बंटी) भी वहां आ गया और उसने समीर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।

अपमानजनक व्यवहार और वीडियो संदेश

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस हमले के बाद समीर ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, शारीरिक चोटों से ज्यादा समीर उसके साथ हुए व्यवहार और अपमान से टूट गया था। अपनी मौत से पहले समीर ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने बताया कि कैसे उसके साथ मारपीट की गई और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का मजाक उड़ाया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।

समीर को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह 16 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा। आखिरकार 20 अक्टूबर को उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) को जांच में शामिल किया है।

कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने आरोपी रामपाल सिंह और उसके पोते राकेश को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने गिग वर्कर्स (डिलीवरी पार्टनर्स) की कार्य स्थितियों और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजय गाबा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए डिलीवरी कर्मियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है।

हैरानी की बात यह है कि जिस फटे नोट के लिए यह खूनी संघर्ष हुआ, आरबीआई (RBI) के नियमों के मुताबिक वह कानूनी तौर पर मान्य था और बैंक द्वारा बदला जा सकता था। लेकिन नियमों की जानकारी के अभाव और गुस्से ने एक हंसते-खेलते युवक की जान ले ली।

Share:

Comments

Leave a comment