दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हाई-टेक कैमरे शुरू, अब ऑटोमैटिक कटेंगे ओवरस्पीड के ई-चालान

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के साथ मिलकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीड रोकने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों को ई-चालान सिस्टम से जोड़ दिया है। 10 अगस्त 2026 को यह तकनीकी अपग्रेड पूरी तरह से चालू हो गया है, जिसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और बिना मानवीय हस्तक्षेप के स्पीड नियमों का सख्ती से पालन कराना है।
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हाई-टेक ANPR कैमरे इंटीग्रेट किए गए हैं।
- 10 अगस्त 2026 को यह सिस्टम पूरी तरह से चालू हो गया है।
- सड़क सुरक्षा बढ़ाने और स्पीड नियमों का पालन कराने के लिए यह कदम उठाया गया है।
गाड़ियों के लिए तय की गई नई स्पीड लिमिट
इस नई व्यवस्था के तहत स्पीड लिमिट की कड़ी निगरानी की जा रही है, जिसमें पैसेंजर कारों के लिए 100 किमी/घंटा की अनुमति है, जबकि बसों और ट्रकों सहित भारी वाहनों के लिए स्पीड 80 किमी/घंटा तय की गई है। इसके अलावा, देहरादून के पास 12 किलोमीटर लंबे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के भीतर सभी वाहनों को 60 किमी/घंटा की कम स्पीड लिमिट का पालन करना होगा।
अब तक 1,000 से ज्यादा ई-चालान हुए जारी
विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) मनीष अग्रवाल और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) विजयान्ता आर्या गोयाल सहित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि हाई-स्पीड कॉरिडोर की निगरानी के लिए यह पहल बहुत जरूरी है। अब तक यह सिस्टम स्पीडिंगViolations के लिए 1,000 से अधिक ई-चालान और नोटिस प्रोसेस कर चुका है। गाड़ियों की नंबर प्लेट्स को अपने आप स्कैन करके ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को सीधे ई-चालान डेटाबेस में भेजने से इस प्रमुख एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों के प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ गई है।