दिल्ली में बढ़े पहली बार अपराध करने वाले अपराधी, हत्या और लूट के मामलों में चौंकाने वाले आंकड़े

राजधानी दिल्ली में अपराध की प्रकृति बदल रही है। दिल्ली पुलिस द्वारा 17 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए ताजा आंकड़ों ने एक चिंताजनक ट्रेंड की ओर इशारा किया है। शहर में हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों में अब ऐसे लोग ज्यादा पकड़े जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी में पहली बार कोई अपराध किया है। साल 2026 की पहली छमाही के आंकड़े 2025 की तुलना में काफी बढ़े हुए नजर आ रहे हैं।
अगर हत्या के मामलों की बात करें, तो 2025 की पहली छमाही में 614 पहली बार अपराध करने वाले लोग गिरफ्तार हुए थे, जो 2026 में बढ़कर 694 हो गए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 2026 में हत्या के कुल गिरफ्तारियों में से 95% लोग पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले थे। वहीं, हत्या की कोशिश के मामलों में भी यह संख्या 731 से बढ़कर 769 हो गई है, जो कुल गिरफ्तारियों का 86% हिस्सा है।
लूट और अन्य अपराधों में भी उछाल
लूट के मामलों में भी पहली बार अपराध करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2025 में यह संख्या 1,009 थी, जो 2026 में बढ़कर 1,083 हो गई। हालांकि, लूट की कुल गिरफ्तारियों में मामूली गिरावट आई है, लेकिन कुल पकड़े गए लोगों में पहली बार अपराध करने वालों का प्रतिशत 73.8% से बढ़कर 80.5% हो गया है। इसी तरह, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ (जेंडर हैरासमेंट) के मामलों में भी गिरफ्तारियों की संख्या 256 से बढ़कर 291 हो गई है।
हालांकि, डेटा में एक राहत की बात यह है कि यौन अपराधों और जबरन वसूली (extortion) के मामलों में पहली बार अपराध करने वालों की संख्या में कमी आई है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इस बढ़ते ट्रेंड के पीछे कई सामाजिक और व्यक्तिगत कारण बताए हैं। उनके अनुसार, आपसी विवाद, गलत दोस्तों का दबाव (पीयर प्रेशर), नशीले पदार्थों का सेवन, आर्थिक तंगी और लालच जैसे कारण युवाओं और आम लोगों को पहली बार अपराध की ओर धकेल रहे हैं।