दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 2015 से फरार चल रहे उम्रकैद के दोषी को हिमाचल प्रदेश से किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल ने एक ऐसे हत्या के दोषी को गिरफ्तार किया है जो 2015 में दिल्ली हाईकोर्ट से फरलो मिलने के बाद फरार हो गया था। यह आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर पिछले 11 वर्षों से हिमाचल प्रदेश के एक गांव में रह रहा था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस आरोपी की पहचान अमित उर्फ संजय उर्फ जयपाल के रूप में हुई है। अमित को मयूर विहार पुलिस स्टेशन में दर्ज एक हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 10 जनवरी 2010 को मयूर विहार फेज-1 में शराब की दुकान के पास चाकू मारने की घटना हुई थी। तीन लड़कों ने पैसे मांगने पर राम चंद्र के साथ मारपीट की और उनमें से एक ने उसके पेट में चाकू मारकर घायल कर दिया, जिससे अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद अमित तिहाड़ जेल नंबर 2 में अपनी सजा काट रहा था। उसे दिल्ली हाईकोर्ट से 6 अक्टूबर 2015 से 21 अक्टूबर 2015 तक दो हफ्ते की फरलो मिली थी, जिसके बाद वह जेल अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुआ और फरार हो गया।
फरार होने के बाद आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपा ली और कानून से बचता रहा। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी और शारीरिक निगरानी के बाद त्रिलोकपुरी से ग्रेटर नोएडा और अंततः हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब के पास एक छोटे से गांव से आरोपी को ढूंढ निकाला। पुलिस ने बताया कि फरलो से भागने के बाद आरोपी ने 2016 में बोधगया, बिहार में शादी कर ली थी। 42 वर्षीय आरोपी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के सतौन गांव में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था और एक बौद्ध मठ में रसोइया के रूप में काम कर रहा था। मेडिकल जांच के बाद आरोपी को तिहाड़ जेल अधिकारियों को सौंप दिया गया है।