Delhi Court Verdict: चचेरी बहन से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की कठोर कैद की सजा

दिल्ली की एक अदालत ने 12 अगस्त 2026 को अजय नाम के व्यक्ति को अपनी 12 साल की चचेरी बहन के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न के मामले में 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2013 का है। अदालत ने इस बात पर कड़ी टिप्पणी की कि लड़कियां अपने घरों के अंदर भी असुरक्षित हैं और पवित्र रिश्तों में विश्वासघात हुआ है।
अदालत की सख्त टिप्पणी और मुआवजा
मामले की सुनवाई कर रही जज नीति सूरी मिश्रा ने इस अपराध को "बेहद जघन्य" करार दिया। अदालत ने कहा कि जब ऐसे दोषी पारिवारिक रिश्तों को ताक पर रख देते हैं, तो चार दीवारों के भीतर भी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। इसके साथ ही अदालत ने दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण (उत्तर-पश्चिम) को पीड़िता को 15 लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्देश दिया है।
मानसिक स्वास्थ्य और कानूनी पक्ष
जज ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह की घटना के कारण बच्चे को कम आत्मसम्मान और मनोवैज्ञानिक संकट जैसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, और समाज में पीड़िता के परिवार की प्रतिष्ठा पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। इस मामले में अजय के खिलाफ अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व अभियोजक योगिता कौशिक दहिया ने किया, जबकि घटना के समय आरोपी की उम्र 25 वर्ष थी।