बाहरी वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टे देने से किया इनकार, सरकार को भेजा नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने सर्दियों में BS-VI से कम मानक वाले बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने वाले फैसले पर स्टे देने से मना कर दिया है।

Kittu Kumari2 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
बाहरी वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टे देने से किया इनकार, सरकार को भेजा नोटिस

सर्दियों के मौसम में दिल्ली की हवा को साफ रखने के लिए सरकार ने बाहरी राज्यों के पुराने वाहनों पर जो पाबंदी लगाई है, उसे फिलहाल चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने seasonal vehicle restriction यानी मौसमी वाहन प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों और सरकार से जवाब मांगा है।

पूरा मामला दिल्ली सरकार के पर्यावरण और वन विभाग द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन से जुड़ा है। इस नियम के मुताबिक, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक ऐसे वाहन जो दिल्ली-एनसीआर के बाहर रजिस्टर्ड हैं और BS-VI उत्सर्जन मानकों (emission standards) को पूरा नहीं करते, उन्हें दिल्ली की सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह पाबंदी हर साल नवंबर के पहले दिन से अपने आप लागू हो जाती है।

क्या है याचिकाकर्ता की दलील?

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कोर्ट में दायर याचिका में इस नियम को भेदभावपूर्ण बताया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि अगर एक BS-IV वाहन दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड है, तो उसे शहर में आने से रोका जाता है, जबकि उसी मानक वाला दिल्ली का रजिस्टर्ड वाहन बिना किसी रोक के चल सकता है। याचिका में यह भी सवाल उठाया गया है कि तीन महीने का यह ब्लैंकेट प्रतिबंध तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि यह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की स्थिति देखे बिना लागू होता है।

इसके अलावा, याचिका में कहा गया है कि यह कदम 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के ढांचे के विपरीत है, जो प्रदूषण के स्तर के हिसाब से कदम उठाने की बात करता है।

एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में फिलहाल कोई राहत देने से मना कर दिया और इसे अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर तक के लिए टाल दिया है। इस मामले में दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को प्रतिवादी बनाया गया है।

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