DGHS मेडिकल स्कैम: दिल्ली कोर्ट ने राजीव रंगीला की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

Kittu Kumari21 August 20262 min read86 viewsDelhi Local
DGHS मेडिकल स्कैम: दिल्ली कोर्ट ने राजीव रंगीला की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली की Rouse Avenue court ने DGHS मेडिकल प्रोक्योरमेंट स्कैम मामले में राजीव रंगीला की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने इस मामले में आदेश सुनाने के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है Court Source। इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

- दिल्ली कोर्ट ने राजीव रंगीला की Anticipatory Bail plea पर फैसला सुरक्षित रखा।

- सुनवाई के बाद 25 अगस्त को आएगा कोर्ट का फैसला।

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- एंटी-रप्शन ब्रांच (ACB) इस मामले की जांच कर रही है।

मेडिकल उपकरण घोटाले और फर्जी कंपनियों के गंभीर आरोप

राजीव रंगीला एक सप्लायर और कथित liaisoner हैं जिन पर मेडिकल उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में हेरफेर करने के गंभीर आरोप हैं DGHS Medical Procurement Scam। आरोप है कि उन्होंने उपकरणों की कीमतें 200 से 500 प्रतिशत तक बढ़ाकर सप्लाई कीं। Anti-Corruption Branch (ACB) के जांचकर्ताओं का कहना है कि रंगीला के पास manufacturer का जरूरी स्टेटस नहीं था, इसलिए वह टेंडर के लिए अयोग्य थे। उन पर अपने फायदे के लिए टेंडर की शर्तों को तैयार करवाकर F Med Devices, Technocrats, Raj Shree, Ashi Surgical and Pharmaceuticals, और M Sahib and Sons Pvt Ltd जैसी कई shell companies बनाने का आरोप है।

गैर-जमानती वारंट और करोड़ों के घोटाले का मामला

प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, रंगीला फिलहाल absconding हैं और उनके खिलाफ non-bailable warrant जारी किया जा चुका है तथा उन्हें proclaimed offender घोषित करने की कार्रवाई चल रही है। ACB का आरोप है कि रंगीला ने अपने रिश्तेदारों के लगभग 100 बैंक खातों में भारी मात्रा में पैसे ट्रांसफर किए। एजेंसी ने कोर्ट को यह भी बताया कि 600 करोड़ रुपये से 750 करोड़ रुपये के बीच के अनुमानित घोटाले से जुड़ी अहम purchase files को सबूत मिटाने के लिए जानबूझकर नष्ट कर दिया गया।

बचाव पक्ष के तर्क और अन्य आरोपियों की स्थिति

रंगीला के legal counsel ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल एक वैध authorized distributor है जिसने तय tender price पर उपकरण सप्लाई किए और उन्होंने सरकारी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह के अवैध लेनदेन से इनकार किया। इस मामले में अन्य हाई-प्रोटिफाइल लोग भी शामिल हैं, जिनमें Central Procurement Agency (CPA) के पूर्व Head of Office डॉ. विनोद रंगा शामिल हैं, जिनकी regular bail plea 17 अगस्त 2026 को खारिज कर दी गई थी। वहीं, DGHS की पूर्व Director General डॉ. वत्सला अग्रवाल को 18 अगस्त 2026 को medical grounds पर interim bail मिल चुकी है। lookout circular जारी होने के बाद ACB रंगीला की तलाश में लगातार multi-state search कर रही है।

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