NEET-UG पेपर लीक मामला: दिल्ली कोर्ट ने CBI चार्जशीट पर आदेश रखा सुरक्षित, 13 आरोपियों की कस्टडी बढ़ी

Kittu Kumari6 August 20262 min read34 viewsNational
NEET-UG पेपर लीक मामला: दिल्ली कोर्ट ने CBI चार्जशीट पर आदेश रखा सुरक्षित, 13 आरोपियों की कस्टडी बढ़ी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI द्वारा 13 आरोपियों के खिलाफ दायर 20,000 पन्नों की चार्जशीट के संज्ञान लेने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए ANI News पर विजिट कर सकते हैं। विशेष CBI जज अजय गुप्ता ने बताया कि चार्जशीट और दस्तावेजों की जांच पूरी हो चुकी है। पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के रूप में नामित यह अदालत 7 अगस्त 2026 को संज्ञान पर अपना आदेश सुनाएगी

आरोपियों की न्यायिक हिरासत और वैज्ञानिक परीक्षणों पर सुनवाई

संबंधित कार्यवाही में, सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है। अदालत ने आरोपी मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के लिए पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट की अनुमति मांगने वाले आवेदनों पर भी अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसका फैसला 10 अगस्त 2026 को आएगा। इन तीनों को जयपुर से कथित मल्टी-स्टेट पेपर लीक नेटवर्क के मुख्य सदस्य के रूप में पहचाना गया है। आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल को भारी-भरकम चार्जशीट की समीक्षा करने और अपनी जमानत पर बहस की तैयारी के लिए 18 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया है, जबकि सभी आरोपियों को डिजिटल ई-कॉपी उपलब्ध करा दी गई हैं।

CBI और बचाव पक्ष के तर्क तथा मामले की पृष्ठभूमि

CBI के सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वी.के. पाठक ने वैज्ञानिक परीक्षण के आवेदनों का विरोध करते हुए तर्क दिया कि वे विचारणीय नहीं हैं। इसके विपरीत, बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट ए.पी. सिंह ने तर्क दिया कि ऐसे परीक्षणों से एक पारदर्शी जांच सुनिश्चित होगी और यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आरोपियों का अधिकार है। यह मामला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा में गड़बड़ी के बाद भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 12 मई 2026 को दर्ज की गई शुरुआती शिकायत से उपजा है, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था। इस लीक के सिलसिले में तीन NTA विषय विशेषज्ञ भी आरोपियों में शामिल हैं

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