दिल्ली कोर्ट का बड़ा आदेश, CBI को मोइन कुरैशी केस की जांच दो महीने में पूरी करने को कहा

दिल्ली की एक अदालत ने Central Bureau of Investigation (CBI) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े शेड्यूल अपराध में अपनी जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। यह मामला कथित मीट निर्यातक मोइन अख्तर कुरैशी और अन्य आरोपियों के खिलाफ Enforcement Directorate (ED) की जांच से जुड़ा है।
CBI ने मांगा था अधिक समय
CBI ने दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की अधिकता का हवाला देते हुए जांच पूरी करने के लिए तीन से चार महीने का समय मांगा था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए CBI का प्रतिनिधित्व कर रहे Deputy Inspector General (DIG) ने प्रस्तुत किया कि व्यापक दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के कारण आरोपियों के संबंध में उचित निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। हालांकि, अदालत ने लंबी समय सीमा को खारिज कर दिया और जांच में पहले से हो रही देरी पर अपनी चिंता दोहराई।
सतीश बाबू सना के मामले पर निर्देश
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सतीश बाबू सना को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ जांच इस दो महीने की अवधि के भीतर पूरी की जानी चाहिए। सना के खिलाफ भी जहां तक संभव हो सके, इसी समय सीमा के भीतर जांच पूरी की जानी चाहिए, क्योंकि उनसे संबंधित कार्यवाही Delhi High Court के समक्ष लंबित है।