मेडिकल घोटाला: दिल्ली कोर्ट ने पूर्व DGHS वत्सला अग्रवाल को दी चार हफ्ते की अंतरिम जमानत

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को ₹700 करोड़ के कथित मेडिकल खरीद घोटाले के मामले में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) की पूर्व प्रमुख वत्सला अग्रवाल को चार हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। इस मामले की विस्तृत जानकारी ANI News रिपोर्ट में दी गई है। विशेष न्यायाधीश विद्या प्रकाश ने चिकित्सा आधार पर यह जमानत मंजूर की। अग्रवाल को जमानत के लिए ₹1 लाख का मुचलका और उतनी ही राशि की दो जमानतें जमा करनी होंगी, जैसा कि ANI News के माध्यम से सामने आया है।
वकीलों की दलीलें और स्वास्थ्य स्थिति
61 वर्षीय वत्सला अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता पेश हुए, जिनकी सहायता मुदित जैन और शैलेंद्र सिंह ने की। उनके वकीलों ने तर्क दिया कि वह उम्र से जुड़ी कई बीमारियों से पीड़ित हैं और 40 दिन से हिरासत में हैं, साथ ही यह भी कहा गया कि उन्हें उच्च अधिकारियों को बचाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। इसके विपरीत, वरिष्ठ लोक अभियोजक कुमार Sanjay ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जेल अधिकारी उनके स्वास्थ्य का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं और उनकी बीमारियां उनकी उम्र के हिसाब से सामान्य हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 14 अगस्त को रिपोर्ट दी थी कि हिरासत के दौरान अग्रवाल की छह बार जांच की गई और उनके स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर रहे हैं, जिसकी पुष्टि ANI News द्वारा की गई है।
एफआईआर और अन्य आरोपी
यह मामला एसीबी द्वारा 2 जून 2026 को दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है, जो दिल्ली सरकार के DGHS और सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) द्वारा सर्जिकल सामान, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर दर्ज हुई थी। इस जांच में अन्य शामिल व्यक्तियों में CPA के पूर्व उप नियंत्रक (लेखा) नीरज चोपड़ा भी शामिल हैं। अदलत ने जहां अग्रवाल को राहत दी, वहीं 17 अगस्त 2026 को CPA के पूर्व प्रमुख सह-आरोपी डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था।