दिल्ली जल बोर्ड टेंडर घोटाला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्य इंजीनियर सतीश चंद्र वशिष्ठ को दी जमानत

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले से जुड़े मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को पूर्व मुख्य इंजीनियर सतीश चंद्र वशिष्ठ को जमानत दे दी है अधिक जानकारी यहाँ देखें। इस मामले में कोर्ट ने जांच के दौरान नाम सामने आने वाले विनोद चौहान की अग्रिम जमानत भी बढ़ा दी है स्रोत लिंक। यह न्यायिक कार्यवाही 17 सितंबर 2026 के उस अदालत के फैसले के बाद हुई है, जिसमें वशिष्ठ की जमानत याचिका और चौहान की अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा गया था। इससे पहले 8 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) द्वारा गिरफ्तारी के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने वशिष्ठ को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था कोर्ट अपडेट। इस मामले की एफआईआर मूल रूप से 2024 में दर्ज की गई थी।
टेंडर शर्तों और तकनीकी विशिष्टियों पर आरोप
एसीबी (ACB) ने पर्याप्त सबूतों का हवाला देते हुए जमानत याचिकाओं का विरोध किया था। अधिकारियों का आरोप है कि वशिष्ठ ने 2018 से अक्टूबर 2022 के बीच मुख्य इंजीनियर (SDW) के रूप में कार्य किया और वह एक प्रमुख तकनीकी एवं प्रशासनिक प्राधिकारी थे जिन्होंने टेंडर की शर्तों और तकनीकी विशिष्टियों को अंतिम रूप दिया। जांच से पता चलता है कि वशिष्ठ ने एसटीपी संवर्द्धन के लिए फिक्स्ड मीडिया के साथ आईएफएएस (IFAS) तकनीक को अपनाने के प्रस्ताव शुरू किए और ऐसे शुद्धिपत्र जारी किए जिन्होंने टेंडर की शर्तों को प्रतिबंधित कर दिया। एसीबी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों से संकेत मिला कि मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड के राजा कुमार कुर्रा के टेंडर सुझाव नागेंद्र यादव को व्हाट्सएप के माध्यम से बताए गए थे और बाद में वशिष्ठ द्वारा औपचारिक दस्तावेजों में एकीकृत किए गए थे।
अन्य आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
इस जांच से जुड़े कई अन्य व्यक्तियों को पहले ही जमानत दी जा चुकी है। इनमें दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय (IAS), पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, तथा मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड के राजा कुमार कुर्रा, मेसर्स एएन एंटरप्राइजेस के नागेंद्र यादव और मेसर्स सृजनहार के पंकज वर्मा शामिल हैं।