पति की हत्या की साजिश: 4 साल जेल में बिताने के बाद आरोपी पत्नी को मिली जमानत
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने पति की हत्या की साजिश में आरोपी महिला को 4 साल बाद नियमित जमानत दे दी है।

दिल्ली की एक अदालत ने अपने पति की हत्या की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद एक महिला को नियमित जमानत दे दी है। रोहिणी कोर्ट के एडिशनल सेशन जज मुनीश गर्ग ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने जमानत देते समय इस बात पर गौर किया कि महिला पिछले चार साल से अधिक समय से हिरासत में है और मामले की जांच पूरी हो चुकी है।
यह पूरा मामला फरवरी 2022 का है, जब रोहिणी के सेक्टर 24 इलाके में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल मिला था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेगमपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज इस केस में आरोप लगाया गया था कि महिला ने अपने पति को मारने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी और वह इस वारदात के लिए अन्य आरोपियों के संपर्क में थी।
सबूतों और कानूनी दलीलों पर टिकी थी नजर
अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और वित्तीय लेनदेन के आधार पर महिला की संलिप्तता का दावा किया था। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील रवि ड्राल ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल वारदात के समय मौके पर मौजूद नहीं थी और न ही उसके पास से कोई हथियार बरामद हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि साजिश के सारे आरोप केवल परिस्थितियों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर आधारित हैं।
कोर्ट ने पाया कि महिला ने खुद हमला नहीं किया था और न ही उसके पास से कोई हथियार मिला। साथ ही, मृतक के पिता और बेटी, जिनके बयान केस के लिए अहम थे, उनकी गवाही पहले ही पूरी हो चुकी है। अदालत ने माना कि अब महिला को और अधिक समय तक जेल में रखना जरूरी नहीं है।
जमानत मिलने के साथ ही महिला ने कोर्ट में यह वादा किया है कि वह रिहाई के बाद रिठाला की पाल कॉलोनी स्थित अपने ससुराल नहीं जाएगी। इसके अलावा, उसने ट्रायल पूरा होने तक अपने पति की संपत्ति या विरासत से जुड़ी किसी भी सिविल कानूनी कार्रवाई को शुरू न करने का वचन दिया है। कोर्ट ने उसे एक पर्सनल बॉन्ड और जमानतदार पेश करने के बाद रिहा करने का आदेश दिया है।