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दिल्ली कोर्ट का कड़ा कदम: 19 साल पुराने मामले में सुनवाई टालने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया

Kittu Kumari1 August 20262 min read25 views
दिल्ली कोर्ट का कड़ा कदम: 19 साल पुराने मामले में सुनवाई टालने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया

दिल्ली की स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने 31 जुलाई को 19 साल पुराने एक क्रिमिनल केस में सुनवाई टालने (adjournment) की मांग करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जानकारी ANI News द्वारा दी गई है। एडिशनल चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल ने जुर्माना लगाने के बाद सुनवाई टालने की अनुमति दी और अगली सुनवाई की तारीख से पहले इसे जमा करने का आदेश दिया। कोर्ट की इस कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली की Rouse Avenue स्थित स्पेशल MP-MLA कोर्ट का फैसला।
  • 19 साल पुराने मामले में सुनवाई टालने पर 10,000 रुपये का जुर्माना।
  • ACJM नेहा मित्तल ने अगली सुनवाई की तारीख से पहले जुर्माना जमा करने का दिया आदेश।
  • मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे तय की गई है।
  • अदालत की टिप्पणी और न्यायिक निर्देश

    ACJM नेहा मित्तल ने इस बात पर जोर दिया कि 15 साल से अधिक पुराने इस मामले की मौजूदा तारीख वकीलों की सुविधा के अनुसार काफी पहले तय की गई थी, लेकिन इसके बावजूद वकील पेश नहीं हुए। यह फैसला मुकदमों में देरी को रोकने के लिए किए जा रहे व्यापक न्यायिक प्रयासों के अनुरूप है। नवंबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशेष MP/MLA अदालतों को निर्देश दिया था कि वे अनिवार्य कारणों के अलावा सुनवाई टालने (adjournment) से बचें। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने भी बार-बार सुनवाई टालने की प्रवृत्ति पर जोर देते हुए देरी को "कानून के शासन के लिए खतरा" बताया है।

    एफआईआर और आरोपियों की जानकारी

    यह मामला साल 2007 में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है। इंडियन पेनल्टी कोड (IPC) की धाराओं (419, 420, 466, 467, 471, 474, 120 B) और पासपोर्ट एक्ट की धारा 12 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी। यह मामला वर्तमान में आरोप तय करने (arguments on charge) की स्टेज पर है। यह adjournment (सुनवाई टालने की मांग) आरोपी व्यक्तियों जैसे मो. शमीन उर्फ शमीनउद्दीन, राजेंदर कुमार पिट्टी उर्फ राजू पिट्टी, प्रीतेश कुमार पिट्टी उर्फ गब्बू सुंदर लाल, सतवंत उर्फ संतु, और मो. राशिद अली के प्रॉक्सी वकील द्वारा मांगी गई थी। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे तय की गई है।

    मामले का पिछلا इतिहास और अन्य आरोपी

    लगभग दो दशकों में इस जटिल मामले में कई घटनाक्रम देखने को मिले हैं। इसमें 2011 में पूर्व सांसद बाबू भाई कटारा को स्थायी छूट मिलना, 2012 में परमजीत कौर की सजा, और कई व्यक्तियों को घोषित अपराधी (proclaimed offenders) घोषित करना शामिल है। एक आरोपी जोगेंद्र सिंह के खिलाफ कार्यवाही उनकी मृत्यु के कारण समाप्त कर दी गई थी। वर्तमान में इस लंबे समय से चले आ रहे मामले में 11 आरोपी शामिल हैं।

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