NEET UG पेपर लीक मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

नई दिल्ली में ANI की रिपोर्ट के अनुसार, नीट यूजी पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी की न्यायिक हिरासत 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। आरोपी को हिरासत अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया था। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI कर रही है। आरोपी पुणे, महाराष्ट्र का रहने वाला बताया गया है और वह मुख्य आरोपी शुभम खैरनार का करीबी सहयोगी है।
परिचय और मुख्य बिंदु:
- राउज एवेन्यू कोर्ट ने शेषराव बजरंग सूर्यवंशी की न्यायिक हिरासत 30 सितंबर तक बढ़ाई।
- आरोपी पर परीक्षा से पहले छात्रों को नीट यूजी का पेपर उपलब्ध कराने का आरोप है।
- सीबीआई ने डिजिटल उपकरणों की जांच और सबूतों से छेड़छाड़ रोकने के लिए हिरासत बढ़ाने की मांग की थी।
- इस मामले में सीबीआई पहले ही 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
सीबीआई की दलीलें और डिजिटल साक्ष्य
न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए सीबीआई ने अदालत को बताया कि विभिन्न उम्मीदवारों से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच अभी चल रही है। जांच एजेंसी ने कहा कि आगे की जांच के दौरान आरोपी को और अधिक हिरासत में लेकर सबूतों के सामने आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की जरूरत है। सीबीआई ने यह भी आशंका जताई कि यदि आरोपी बाहर आया तो वह सबूतों को नष्ट कर सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है या भाग सकता है।
चार्जशीट और अन्य आरोपी
सीबीआई इस मामले में मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, धनंजय लोकखंडे, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल समेत 13 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है और सोमवार से दिन-प्रतिदिन के आधार पर आरोप तय करने पर बहस सुनने वाली है।
आपराधिक साजिश और छात्रों से वसूली
शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी को सीबीआई ने 2 सितंबर को गिरफ्तार किया था और पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने शुभम खैरनार के साथ आपराधिक साजिश रची थी। आरोपी ने परीक्षा से पहले कई उम्मीदवारों को नीट-यूजी के कथित लीक प्रश्न उपलब्ध कराए और उम्मीदवारों तथा उनके परिवारों से पैसे वसूले। इसके अलावा, आरोपी उम्मीदवारों को नांदेड़ के एक घर में लेकर गया था जहां उन्हें लीक प्रश्न दिए गए थे और भुगतान की गारंटी के लिए छात्रों के मूल दस्तावेज व शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपने पास गिरवी रख लिए थे।