दिल्ली कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: चोरी के मामले में अपराध के महज 73 दिन के भीतर दोषी करार

दिल्ली में न्याय प्रक्रिया का एक तेज उदाहरण सामने आया है जहां एक अदालत ने चोरी के मामले में अपराध होने के महज 73 दिन के भीतर और चार्जशीट दाखिल होने के सिर्फ 12 दिन बाद आरोपी को दोषी ठहराया है। यह पूरा मामला दक्षिण-पश्चिम जिले के कपसहेड़ा पुलिस स्टेशन से जुड़ा हुआ है।
घटना और गिरफ्तारी
यह घटना 15 जुलाई 2026 की है जब शिकायतकर्ता ने 1.50 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के गहने चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के दो दिन बाद यानी 17 जुलाई 2026 को नाला रोड कपसहेड़ा निवासी 29 वर्षीय आरोपी मन्नू सिंह उर्फ मन्नू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच और बरामदगी
स्टेशन हाउस ऑफिसर विक्रम दहिया और सब-इंस्पेक्टर विजय के नेतृत्व में पुलिस ने वैज्ञानिक तरीकों और सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल करके संदिग्ध की पहचान की और उसे ट्रैक किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के घर से चांदी की वस्तुएं, सिक्के, एक सोने का मंगलसूत्र और झुमके जैसे चोरी किए गए सामान बरामद किए गए। पब्लिक प्रोसिक्यूटर पुष्पेंद्र वर्मा ने अदालत के समक्ष सबूत पेश किए जिसके आधार पर दोषसिद्धी हुई।
अदालत का फैसला
द्वारका कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रोहित कुमार ने 26 सितंबर 2026 को अपना फैसला सुनाया और औपचारिक रूप से मन्नू सिंह को दोषी पाया। दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने इस जांच प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह मामला सीसीटीवी आधारित साक्ष्यों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।