कनॉट प्लेस: पत्नी को गोली मारने की कोशिश, 6 साल बाद कोर्ट ने पति को ठहराया दोषी

Kittu Kumari18 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
कनॉट प्लेस: पत्नी को गोली मारने की कोशिश, 6 साल बाद कोर्ट ने पति को ठहराया दोषी

दिल्ली की एक अदालत ने साल 2018 में अपनी पत्नी की हत्या की कोशिश करने वाले एक शख्स को दोषी करार दिया है। यह मामला करीब आठ साल पुराना है, जिसमें आरोपी सुशांत ने अपनी पत्नी पिंकी पर जानलेवा हमला किया था। एडिशनल सेशनज जज धीरेंद्र राणा ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दोषी पाया है।

यह खौफनाक वारदात 24 नवंबर 2018 को कनॉट प्लेस स्थित कालावती अस्पताल के गेट नंबर 5 के बाहर हुई थी। पीड़ित महिला पिंकी उस अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनात थी। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, पति-पत्नी साल 2015 से अलग रह रहे थे और पिंकी अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। इस बीच सुशांत किसी अन्य आपराधिक मामले में जेल में बंद था। जेल से छूटने के बाद सुशांत ने पिंकी को वापस घर चलने के लिए कहा, लेकिन जब उसने इनकार कर दिया, तो सुशांत ने उसके कार्यस्थल पर पहुंचकर उसके पेट में गोली मार दी।

सबूतों और गवाहों ने दिलाई सजा

अदालत ने इस फैसले के लिए कई अहम सबूतों को आधार बनाया। मामले में पीड़िता की गवाही, अस्पताल के कर्मचारियों के बयान, हमले की सीसीटीवी फुटेज और एक ऑटो रिक्शा मालिक की गवाही ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए। हालांकि, अदालत ने सुशांत को आर्म्स एक्ट की धारा 25 (अवैध हथियार रखना) के आरोप से बरी कर दिया, क्योंकि उस मामले की अलग एफआईआर दर्ज है और उसकी सुनवाई दूसरी अदालत में चल रही है।

इस केस की कानूनी लड़ाई काफी लंबी चली। इससे पहले 26 अगस्त 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुशांत की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जान लेने की नीयत से किए गए घरेलू हिंसा के मामलों में न्यायिक निगरानी बेहद जरूरी है। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि आरोपी पहले ही छह साल जेल में बिता चुका है, इसलिए छह महीने के भीतर इस कार्यवाही को पूरा किया जाए।

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