दिल्ली अदालत ने 2020 भजनपुरा दंगा मामले में पांच लोगों को दोषी ठहराया

दिल्ली की एक अदालत ने साल 2020 के भजनपुरा दंगा मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पाँच आरोपियों को दोषी करार दिया है। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिंह ने यह फैसला सुनाया है। जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है उनके नाम आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, तनवीर अली और हुनैन हैं। यह मामला 24 फरवरी 2020 का है जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भजनपुरा इलाके में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि दोषियों को दंगा करने, गैरकानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करने, सरकारी कर्मचारियों को उनके काम में बाधा डालने और पुलिस कर्मियों पर हमला करने के मामलों में दोषी पाया गया है। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों के अनुसार भीड़ का गुस्सा इतना ज्यादा था कि पुलिस अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए स्थानीय पेट्रोल पंप की दीवार फांदकर भागना पड़ा था।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान एएसआई अरविंद कुमार, सेवानिवृत्त एएसआई वेदपाल, सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल अरविंद, हेड कांस्टेबल जगरूप और कांस्टेबल नेमीचंद की गवाहियों को पूरी तरह भरोसेमंद माना। हालांकि अदालत ने पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों को सही माना, लेकिन पेट्रोल पंप पर आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोपों को पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण खारिज कर दिया।
न्यायाधीश सिंह ने शुरुआती पुलिस जांच की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए, खासकर आगजनी के आरोपों से निपटने के तरीके को लेकर। आपको बता दें कि यह पूरा मामला भजनपुरा थाने के एएसआई अरविंद कुमार द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था। अदालत अब इन पांचों दोषियों की सजा पर 16 सितंबर 2026 को बहस सुनेगी।