दिल्ली अदालत का बड़ा फैसला, 2020 भजनपुरा दंगा मामले में पांच लोग दोषी करार

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने 9 सितंबर 2026 को फरवरी 2020 के उत्तर पूर्व दिल्ली दंगे के दौरान दंगा करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले में पांच लोगों को दोषी ठहराया है। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने सुनाया। दोषी ठहराए गए लोगों के नाम आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, तनवीर अली और हुनाइन हैं। अदालत ने इस मामले में सजा की अगली दलीलें 16 सितंबर 2026 के लिए तय की हैं। यह मामला 24 फरवरी 2020 का है जब उत्तर पूर्व दिल्ली में हिंसा हुई थी।
घटना और पुलिस कार्रवाई
यह मामला यमुना विहार सर्विस रोड पर स्थित दिल्ली डीज़ल्स पेट्रोल पंप का है। वहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली 100 से 150 लोगों की भीड़ जमा हुई थी। न्यायाधीश परवीन सिंह ने कहा कि हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एएसआई अरविंद कुमार, हेड कांस्टेबल अरविंद, हेड कांस्टेबल जग्रोप और कांस्टेबल नेमी चंद सहित पुलिसकर्मियों को पेट्रोल पंप की बाउंड्री वॉल कूदकर वहां से भागने पर मजबूर होना पड़ा। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 26 गवाहों की गवाही पर भरोसा किया।
गवाही और आरोपमुक्त किए गए मामले
गवाहों में पांच पुलिसकर्मी और एक पेट्रोल पंप कर्मचारी सहित आठ लोगों ने आरोपियों की पहचान की पुष्टि करने वाले सीधे साक्ष्य दिए। अदालत ने इन पांचों लोगों को दंगा और हमला करने के मामलों में दोषी करार दिया। हालांकि, अदालत ने उन्हें आगजनी और घातक हथियार रखने जैसे अधिक गंभीर आरोपों से बरी कर दिया। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष के आगजनी के दावों को लेकर महत्वपूर्ण शंकाएं जताईं। दिल्ली फायर सर्विस की अप्रमाणित रिपोर्ट और औपचारिक साक्ष्य की कमी के कारण आरोपियों को आगजनी के सबसे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया गया।