नाबालिग से गैंगरेप: दिल्ली कोर्ट ने बस ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ तय किए आरोप

दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। स्पेशल पोक्सो (POCSO) जज सोनम गुप्ता की अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी सुनवाई यानी ट्रायल 24 अक्टूबर 2026 से शुरू करने का आदेश दिया है।
यह पूरा मामला पिछले साल अगस्त महीने का है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ग्रेटर नोएडा से एक बस में सवार हुई थी, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और उसे कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास लावारिस छोड़ दिया। इस मामले में कश्मीरी गेट मेट्रो पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
फोरेंसिक सबूत और पुलिस की चार्जशीट
दिल्ली पुलिस ने 18 सितंबर को इस मामले में 400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर निम्मी सिसोदिया ने कोर्ट में सबूत पेश करते हुए बताया कि पीड़िता के कपड़ों और बस से मिले डीएनए सैंपल आरोपियों के सैंपल से मेल खाते हैं। मेडिकल रिपोर्ट ने भी इन दावों की पुष्टि की है। पुलिस ने अपनी जांच में 50 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं और वैज्ञानिक फोरेंसिक रिपोर्ट को भी शामिल किया है।
अदालत ने 24 सितंबर को चार्जशीट पर संज्ञान लिया। आरोपियों पर पोक्सो एक्ट की धारा 6 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत नाबालिग के अपहरण और बलात्कार जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया था और दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते अपराधों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को बलात्कार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस घटना के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।