सांसद चंद्रशेखर आजाद रेप केस: दिल्ली कोर्ट ने DCP को जांच जल्द पूरी करने का दिया आदेश

नगीना के सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दर्ज एक रेप शिकायत ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित डीसीपी (DCP) को निर्देश दिया है कि वे इस शिकायत की जांच को अगली सुनवाई से पहले हर हाल में पूरा करें। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जांच में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि चंद्रशेखर आजाद ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ बलात्कार किया और उसके साथ धोखाधड़ी की। जब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करने में देरी की, तो पीड़िता ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
पुलिस की समय बढ़ाने की मांग कोर्ट ने ठुकराई
5 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से प्राथमिक जांच पूरी करने के लिए दो से तीन महीने का अतिरिक्त समय मांगा था। हालांकि, एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल ने पुलिस की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। पीड़िता की ओर से पेश हुए वकील आशीष दास ने तर्क दिया कि ऐसे गंभीर अपराधों, जिनमें सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान है, में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि बलात्कार के मामले में न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है, इसलिए जांच में देरी उचित नहीं है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे डीसीपी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद इस जांच की निगरानी करें और 23 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करें। अब सबकी नजरें पुलिस की जांच रिपोर्ट और कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।