Delhi Court ने SFI नेता Aishe Ghosh का 2021 प्रोटेस्ट केस में NBW किया रद्द, लगा ₹1,000 जुर्माना

Delhi के Patiala House Court ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को SFI नेता Aishe Ghosh के खिलाफ 2021 के एक प्रोटेस्ट केस में जारी Non-Bailable Warrant (NBW) को रद्द कर दिया है। Judicial Magistrate First Class Vijayshree Rathore की अदालत ने Ghosh के कोर्ट में पेश होने के बाद ₹1,000 के जुर्माने के साथ वारंट को वापस ले लिया। यह पूरा मामला साल 2021 में Bangla Bhawan के बाहर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है, जिसकी सुनवाई अब आगे चल रही है।
Kaha Darj Hua Tha Mamla Aur Kya Thi Wajah
Former JNU Students' Union President और CPI(M) नेता Aishe Ghosh पर Barakhamba Road Police Station में IPC की धाराओं 188, 447 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया था। कोर्ट द्वारा सुनवाई में पेश न होने पर 12 दिसंबर 2025 और 11 अप्रैल 2026 को उनके खिलाफ Non-Bailable Warrants जारी किए गए थे। Police Reports के मुताबिक, फोन पर सूचना मिलने के बावजूद वह दिए गए पते पर नहीं मिली थीं, जिसके बाद यह कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी थी।
AKG Bhawan Vivad Aur Rajya Sabha Me Hungama
यह राहत ऐसे समय में आई है जब मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को Delhi Police द्वारा Aishe Ghosh को गिरफ्तार करने के लिए CPI(M) Headquarters (AKG Bhawan) में कथित तौर पर जबरन घुसने की कोशिश का मामला सामने आया था। इसके बाद पुलिस और पार्टी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। CPI(M) ने पुलिस पर जबरन घुसने का आरोप लगाया था, जबकि Union Minister JP Nadda ने इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था के नियमों के मुताबिक बताया था। इस घटना को Rajya Sabha में opposition leaders John Brittas और Mallikarjun Kharge द्वारा भी उठाया गया था।
Aagli Sunvai Kab Hogi
बुधवार, 29 जुलाई 2026 को कोर्ट ने NBW पर रोक लगाते हुए Aishe Ghosh को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। उनके वकीलों ने पिछली पेशियों में अनुपस्थिति के लिए "unavoidable circumstances" (अपरिहार्य कारणों) का हवाला दिया था। Ghosh की कानूनी टीम में Advocates K.N. Jaishankar, Subhash Chandran K.R. और Jaimon Andrews शामिल हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 21 नवंबर को तय की गई है।