दिल्ली की इमारतों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट? हाई कोर्ट ने मांगी कानूनी स्पष्टता

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की इमारतों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट? हाई कोर्ट ने मांगी कानूनी स्पष्टता

राजधानी दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों के गिरने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए अब कानूनी पहलुओं पर गहराई से विचार किया जा रहा है। दिल्ली बिल्डिंग स्ट्रक्चरल ऑडिट की अनिवार्यता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अब कानूनी स्पष्टता मांगी है। कोर्ट यह जानना चाहता है कि क्या मौजूदा प्लानिंग एक्ट्स के तहत सभी सार्वजनिक इमारतों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट अनिवार्य किया जा सकता है या नहीं।

यह पूरा मामला सत्य निकेतन में एक पीजी बिल्डिंग गिरने की दुखद घटना के बाद सामने आया है। इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण ट्रस्ट द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे और जस्टिस अरुण भारद्वाज की खंडपीठ ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। याचिकाकर्ता की मांग है कि प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाए और एक डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

सुरक्षा ऑडिट के लिए कड़े निर्देश और कार्रवाई

इमारतों की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। 3 अक्टूबर 2026 को सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCS) ने सभी कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों (CGHS) को 30 दिनों के भीतर स्ट्रक्चरल, फायर और लिफ्ट सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है। वहीं, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने पहले ही निर्देश जारी किए हैं कि 21 मार्च 2001 से पहले बनी 15 मीटर या उससे ऊंची इमारतों, अस्पतालों, स्कूलों और मॉल्स का अनिवार्य रूप से ऑडिट कराया जाए।

सत्य निकेतन हादसे की जांच में एमसीडी (MCD) ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, बिल्डिंग मालिकों ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। एमसीडी के एक सर्वे में दिल्ली में 2,453 पीजी बिल्डिंग्स की पहचान की गई है, जिनमें से चार को खतरनाक मानकर गिराने या ऑडिट करने की तैयारी है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा है कि बिल्डिंग परमिट की वैधता को लेकर उच्च कार्यकारी स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment