दिल्ली कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सेवानिवृत्त मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर को किया बरी

दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सेवानिवृत्त मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर को बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला 26 अगस्त 2026 को सुनाया और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी अपराध से जुड़ी आय को साबित करने में विफल रहा। दिल्ली कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सेवानिवृत्त मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA की धारा 3 के तहत अपराध को साबित करने के लिए जरूरी 'अपराध से जुड़ी आय' का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।
यह फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के 1 जुलाई 2026 के उस निर्णय के बाद आया है जिसमें सीबीआई द्वारा 2007 में दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मूल मामले में कपूर की सजा को रद्द कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने पाया था कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा और कपूर को बचाव के सबूत पेश करने का उचित अवसर नहीं दिया गया था। चूँकि मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला इसी मुख्य अपराध पर निर्भर था, इसलिए यह टिक नहीं सका। इस संदर्भ में विस्तृत रिपोर्ट ANI News National Category पर देखी जा सकती है।
अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को निर्देश दिया है कि वह जाँच के दौरान अटैच की गई संपत्तियों को रिहा करे और चार सप्ताह के भीतर बैंक खाते को डी-फ्रीज करे। न्यायाधीश ने कपूर के मुचलके को रद्द करने और उनकी जमानत को बरी करने का आदेश दिया है। साथ ही सीआरपीसी की धारा 437-ए का पालन करते हुए कपूर को 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और surety bond जमा करने का निर्देश दिया गया है जो छह महीने तक प्रभावी रहेगा। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी ANI News Report में दी गई है।