दिल्ली में नए विंटर पॉल्यूशन नियमों से कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में चिंता, जानिए पूरी खबर

दिल्ली सरकार ने सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक नया permanent winter pollution master plan लागू किया है। यह नया फ्रेमवर्क हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी के बीच अपने आप सख्त कदम उठाएगा, जिससे पिछले अस्थायी आदेशों की जगह ले ली गई है। इस नए नियम से राजधानी की कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में भारी चिंता पैदा हो गई है, क्योंकि इंडस्ट्री को बड़े पैमाने पर रुकावट और वित्तीय असर की आशंका है।
कड़े प्रतिबंध और पाबंदियां
नए नियमों के तहत 1 नवंबर से 31 जनवरी के बीच धूल पैदा करने वाले डिमोलिशन और खुले सिविल कंस्ट्रक्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच लगभग सभी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन काम पर और भी सख्त बैन रहेगा, जिसमें केवल जरूरी पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को छूट दी जाएगी। इस पीक पॉल्यूशन विंडो के दौरान कंस्ट्रक्शन सामग्री ले जाने वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक होगी। Commission for Air Quality Management (CAQM) ने एन्फोर्समेंट का दायरा बढ़ाते हुए 5 अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से 500 वर्ग मीटर से छोटे कंस्ट्रक्शन साइट्स पर धूल नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए नागरिक एजेंसियों और Urban Local Bodies (ULBs) को अधिकार दे दिया है Source: PIB। 3 अगस्त 2026 को जारी Statutory Direction No. 86 में यह संशोधन उल्लंघनों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने के लिए किया गया है। केवल 2026 की दूसरी तिमाही में ही दिल्ली में कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन साइट्स पर 16,195 निरीक्षण किए गए थे।
एंटी-स्मॉग गन और कंस्ट्रक्शन कचरे के नियम
compliance आवश्यकताओं को बढ़ाते हुए, 3,000 वर्ग मीटर से अधिक के कमर्शियल हाई-राइज बिल्डिंग और 1,000 वर्ग मीटर से बड़े कंस्ट्रक्शन साइट्स को 15 अगस्त 2026 तक एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाने होंगे। इन्हें मानसून और गर्मियों के पीक महीनों को छोड़कर साल भर चलाना होगा। 1 अप्रैल 2026 से नए नियमों के तहत 200 वर्ग मीटर से ऊपर के प्रोजेक्ट्स के लिए डिमोलिशन कचरे को तय सेंटर्स पर जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने हजारों मजदूरों की आजीविका, प्रोजेक्ट में देरी और बढ़ते ऑपरेशनल कॉस्ट पर असर को लेकर चिंता जताई है, और RERA-compliant प्रोजेक्ट्स के लिए छूट तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की वकालत की है।