दिल्ली में छात्राएं सुरक्षा के लिए कर रहीं प्रदर्शन, पुलिस ने की कार्रवाई

दिल्ली में कॉलेज की छात्राओं ने सफर और कॉलेज परिसर में सुरक्षा को लेकर भारी डर और चिंता जताई है। छात्राएं रोजाना घर से कॉलेज आने-जाने में असुरक्षित महसूस कर रही हैं और लगातार हो रही छींटाकशी से बचने के लिए पेप्पर स्प्रे रखने को मजबूर हैं।
मुखर्जी नगर की घटना और पुलिस की कार्रवाई
24 सितंबर 2026 को मुखर्जी नगर में हिंदू कॉलेज की दो छात्राओं का पीछा करने और परेशान करने की घटना सामने आई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर चार आरोपियों की पहचान की। 25 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के दो छात्रों अभिमन्यु और अभिनव को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीसरा आरोपी नमन अभी भी फरार है। पुलिस एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी की आंतरिक जांच भी कर रही है।
छात्र संगठनों का प्रदर्शन और मांगें
25 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन किया और दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला। उन्होंने बेहतर सड़क लाइटें लगाने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने, शिकायत निवारण के लिए 'पिंक बूथ' बनाने और सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की। 26 सितंबर 2026 को गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज की छात्राओं ने दक्षिण दिल्ली में मार्च निकालकर कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की।
सुरक्षा उपाय और सर्वे रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) का दौरा किया और गश्त बढ़ाने तथा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर चर्चा की। इस बीच, मिरांडा हाउस के महिला विकास प्रकोष्ठ (WDC) ने उत्तर कैंपस के सात रातों का सुरक्षा सर्वे किया। इस सर्वे में मुखर्जी नगर को 'हाई-रिस्क' जोन बताया गया क्योंकि वहां सुनसान रास्ते और खराब रोशनी है, जबकि हडसन लेन, जीटीबी नगर, मल्कगंज और विजय नगर को मध्यम सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।