दिल्ली में पेट्रोल गाड़ियों में सीएनजी किट लगवाने से पहले इन नियमों का रखें ध्यान, सरकार की सख्त गाइडलाइन जारी

दिल्ली में पेट्रोल गाड़ियों में सीएनजी किट लगवाने वाले वाहन मालिकों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। दिल्ली परिवहन विभाग ने गाड़ी चालकों को सलाह दी है कि वे पेट्रोल कारों में सीएनजी किट लगवाने के लिए पांच प्रमुख अधिकृत फिटमेंट सेंटरों में से किसी एक का ही उपयोग करें। विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी किट लगवाने से पहले वाहन चालकों को इन सरकारी स्वीकृत स्थानों पर जाकर पूरी जानकारी लेनी चाहिए ताकि कानूनी और सुरक्षा मानकों का पूरा पालन किया जा सके।
कानूनी और सुरक्षा नियम
दिल्ली परिवहन विभाग सहित नियामक अधिकारियों ने सीएनजी किट लगवाने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। सभी सीएनजी किट 'टाइप अप्रूव्ड' होनी चाहिए और इन्हें केवल उन्हीं अधिकृत वर्कशॉप में लगवाना चाहिए जो क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के नियमों का पालन करती हैं। सीएनजी में बदली गई हर गाड़ी के लिए एक जरूरी कानूनी नियम यह है कि वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) में सीएनजी ईंधन की स्थिति का आधिकारिक रूप से दर्ज होना अनिवार्य है।
सीएनजी पंपों पर कड़ी जांच और सुरक्षा मानक
24 अगस्त 2026 से सीएनजी ईंधन स्टेशनों पर गाड़ियों की जांच और सख्ती बढ़ा दी गई है। पंप पर मौजूद कर्मचारी यह देखने के लिए दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं कि सीएनजी ईंधन की स्थिति ठीक से दर्ज है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में केवल उन्हीं गाड़ियों को सीएनजी मिल सकती है जिनके दस्तावेज वैध हैं और जो सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हैं, जिसमें सिलेंडर के निर्माण की तारीख और हाइड्रो टेस्ट की जांच शामिल है।
अधिकृत केंद्र और पिछले नियम
दिल्ली में सीएनजी रेट्रोफिटिंग के नियम समय के साथ बदले हैं। परिवहन विभाग ने जून 2016 में बिना प्रमाणित किट के कारण पुरानी गाड़ियों में सीएनजी लगवाने पर रोक लगाई थी, जिसे सितंबर 2016 तक हटा लिया गया था। राजधानी में काम करने वाले प्रमुख अधिकृत सर्विस प्रोवाइडर में पुल प्रह्लादपुर में नेचुरल सीएनजी फिटमेंट सेंटर, सरोजिनी नगर रिंग रोड मार्केट में सभरवाल इको मोटर्स और ओखला फेज I, II व III में सचदेवा सांभव कॉर्पोरेशन शामिल हैं। इसके अलावा कार्स एनर्जी कंपनी, जेएसएम सीएनजी फिटमेंट सेंटर, आयशा मोटर्स, बलू मोटर्स, दिल्ली सीएनजी फिटमेंट सेंटर और आरके ऑटो गैस सीएनजी को भी मान्यता प्राप्त है। दिल्ली परिवहन विभाग और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) सलाह देते हैं कि वाहन मालिक आरटीओ द्वारा स्वीकृत रेट्रोफिट सेंटरों की आधिकारिक सूची जरूर देखें।