महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता, दिल्ली सरकार ने तैयार किया मास्टर प्लान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि उनकी सरकार के लिए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, कल्याण और सम्मान से बढ़कर कुछ भी नहीं है। 10 और 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित 'राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन' के दौरान मुख्यमंत्री ने एक ऐसा व्यापक ढांचा पेश किया, जिसका मकसद संकट में फंसी महिलाओं और बच्चों को समय पर मदद, कानूनी सहायता और पुनर्वास मुहैया कराना है।
सरकार की इस रणनीति में केवल एक विभाग नहीं, बल्कि परिवहन, लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निकाय और शिक्षण संस्थानों को एक साथ जोड़ा गया है ताकि सुरक्षा का घेरा अभेद्य बनाया जा सके।
सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन और सीसीटीवी का जाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि संकट के समय तुरंत मदद पहुंचाने के लिए एक एकीकृत हेल्पलाइन नेटवर्क बनाया गया है। अब विमेन हेल्पलाइन 181 को इमरजेंसी हेल्पलाइन 112, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के साथ जोड़ा गया है। वर्तमान में दिल्ली में महिलाओं की मदद के लिए 11 वन स्टॉप सेंटर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, शहर में 15 महिला आश्रय गृह और 14 कामकाजी महिला छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 2,427 महिलाओं के रहने की क्षमता है। विश्वास नगर और रोहिणी में और अधिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
निगरानी के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़ी तैयारी की है। स्कूलों में 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि सार्वजनिक स्थानों पर PWD द्वारा 2,53,983 कैमरे संचालित किए जा रहे हैं।
परिवहन को सुरक्षित बनाने के लिए DTC बसों में 2,947 बस मार्शल तैनात किए गए हैं। महिलाओं के लिए 56 विशेष बसें चलाई जा रही हैं, जिनमें से 15 बसों में शाम की शिफ्ट के दौरान सशस्त्र पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। सभी बसों की 24 घंटे बस मैनेजमेंट सिस्टम, पैनिक अलार्म और जीपीएस के जरिए निगरानी की जा रही है।
बच्चों के कल्याण के लिए 11 जिला बाल संरक्षण इकाइयां बनाई गई हैं, जिन्हें 30 सरकारी और 56 गैर-सरकारी बाल देखभाल संस्थानों का समर्थन प्राप्त है। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए एसडीएम को 'बाल विवाह निषेध अधिकारी' नियुक्त किया गया है। साथ ही, स्कूलों में छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1,397 स्कूलों में 'रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम' चलाया जा रहा है। कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निपटारे के लिए आंतरिक समितियों और SHe-Box पोर्टल का इस्तेमाल किया जा रहा है।