'यह मेरी आखिरी सेल्फी है', दिल्ली को कचरा मुक्त बनाने का सीएम रेखा गुप्ता का संकल्प

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी को कचरे के पहाड़ों से पूरी तरह मुक्त कराने का बड़ा संकल्प लिया है। शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का दौरा करते हुए उन्होंने एक प्रतीकात्मक कदम उठाया और कचरे के ढेर के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी कचरे के पहाड़ के साथ ली गई "आखिरी सेल्फी" है, क्योंकि उन्होंने यह प्रण लिया है कि जल्द ही शहर से इन बदसूरत ढेरों का नामोनिशान मिट जाएगा।
ओखला, गाजीपुर और सिंघोला में वेस्ट प्रोसेसिंग साइट्स के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 18 महीनों में लैंडफिल में जमा कचरा लगातार कम हो रहा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहले कचरे के पहाड़ों को हटाने की बात की थी, तब उनका मजाक उड़ाया गया था, लेकिन आज हकीकत यह है कि ये पहाड़ धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं और अब केवल उनका आधार (स्पाइन) बचा है।
100 एकड़ जमीन हुई रिकवर, प्रोसेसिंग क्षमता में इजाफा
मुख्यमंत्री ने इस अभियान की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि प्रशासन ने अब तक तीन लैंडफिल साइट्स से करीब 100 एकड़ जमीन को वापस हासिल कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ रही है—एक तरफ पुराने जमा कचरे (लेगेसी वेस्ट) को साफ किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नया कचरा जमा न हो।
प्रोसेसिंग क्षमता की बात करें तो वर्तमान में ओखला में 1,400 टन, सिंघोला में 800 टन और गाजीपुर में 700 टन कचरे के निपटान की व्यवस्था है। सीएम ने कहा कि इस क्षमता को और बढ़ाया जा रहा है ताकि पूरे शहर का दैनिक कचरा एक साथ प्रोसेस किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने एक खास पहल का जिक्र किया जिसके तहत टूटी हुई मूर्तियों के रीसाइक्लिंग केंद्र बनाए गए हैं, ताकि इन्हें नदियों या कचरे के ढेरों में न फेंका जाए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पूरी टीम 'मिशन मोड' में दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों के साथ भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की और भरोसा दिलाया कि तय समय सीमा के भीतर दिल्ली को इन कचरे के पहाड़ों से पूरी तरह आजाद कराया जाएगा।