दिल्ली सीएम ने 5.25 लाख छात्रों के खातों में भेजे 71.93 करोड़, 24 'निगम श्री विद्यालय' बनाने का ऐलान

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली सीएम ने 5.25 लाख छात्रों के खातों में भेजे 71.93 करोड़, 24 'निगम श्री विद्यालय' बनाने का ऐलान

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने 5.25 लाख से अधिक स्कूली बच्चों के बैंक खातों में सीधे तौर पर (DBT के जरिए) 71.93 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि बिना किसी देरी के सीधे अभिभावकों तक पहुंचे और पारदर्शिता बनी रहे।

तागोर गार्डन के एक नगर निगम प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह राशि जारी की गई। इस योजना के तहत हर छात्र को कुल 1,370 रुपये मिले हैं, जिसमें यूनिफॉर्म के लिए 1,250 रुपये और स्कूल बैग के लिए 120 रुपये शामिल हैं। इस मौके पर मेयर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षा में आधुनिकता: AI लैब और 'साइंस ऑन व्हील्स' की शुरुआत

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सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली के नगर निगम स्कूलों की सूरत बदलने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने घोषणा की कि 24 नगर निगम प्राथमिक स्कूलों को 'निगम श्री विद्यालय' के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों को 'पीएम श्री' और 'सीएम श्री' स्कूलों की तर्ज पर बनाया जाएगा, ताकि बच्चों को आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।

डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम में कई नई सुविधाओं का अनावरण किया गया:

  • AI और रोबोटिक्स लैब: छात्रों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए 10 नई लैब शुरू की गई हैं।
  • कंप्यूटर प्रिंटर: IDBI बैंक ने CSR फंड के जरिए 1,500 प्रिंटर उपलब्ध कराए हैं।
  • साइंस ऑन व्हील्स: NGO SARD के सहयोग से एक मोबाइल वैन शुरू की गई है, जिसमें 60 लैपटॉप और 60 क्रोमबुक मौजूद हैं, ताकि विज्ञान की पढ़ाई को और दिलचस्प बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि सरकारी संस्थानों, जनप्रतिनिधियों और निजी संगठनों के बीच बेहतर तालमेल ही दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार ला सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन आधुनिक संसाधनों से बच्चों के सीखने के तरीके में बड़ा बदलाव आएगा।

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