दिल्ली सीएम ने मरीज को दवा देने से मना करने वाले जन औषधि केंद्र का लाइसेंस रद्द किया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका के एक सरकारी अस्पताल में स्थित जन औषधि केंद्र के वेंडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत वेंडर का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई 3 अगस्त 2026 की एक घटना के बाद की गई है, जिसमें वेंडर ने फर्श की सफाई का हवाला देते हुए एक मरीज को दवा देने से मना कर दिया था। इस लाइसेंस रद्दीकरण की घोषणा 4 अगस्त 2026 को की गई और 5 अगस्त 2026 को इसकी व्यापक रिपोर्टिंग हुई।
जन सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री गुप्ता ने सार्वजनिक सेवाओं में इस तरह के आचरण को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक संस्थान नागरिकों की सेवा के लिए हैं, न कि उन्हें परेशानी या असुविधा देने के लिए। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली में लापरवाही, उदासीनता या अधिकारों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आधिकारिक बयानों के अनुसार, दिल्ली सरकार हर नागरिक को उनकी हक की सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए अपने 'राइट टू सर्विस बिल' के माध्यम से जवाबदेही बढ़ाने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है (Source: https://health.delhi.gov.in/)।
अस्पतालों का होगा औचक निरीक्षण
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वह शहर भर में गुणवत्तापूर्ण सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु औचक निरीक्षण करेंगे। दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग स्वास्थ्य सेवा नियमों को लागू करने वाली मुख्य एजेंसी है।