दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर बोलीं सीएम रेखा गुप्ता, कहा- डर के लिए कोई जगह नहीं और लड़कों को सीखनी होगी सहमति

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मैत्री कॉलेज के ‘परंपरा से प्रगति’ कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शहर में महिलाओं के लिए डर की कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ-साथ खुद को भी प्राथमिकता दें और अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह एक छात्रा थीं, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन मुख्यमंत्री बनकर छात्रों को संबोधित करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश तभी आगे बढ़ सकता है जब देश की महिलाएं और बेटियां आगे बढ़ेंगी। महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित माहौल बनाने की जिम्मेदारी समाज के हर व्यक्ति की है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में ऐसी घटनाएं होती हैं जिनसे लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, तो परिवार अक्सर पाबंदियां सिर्फ लड़कियों पर ही लगाते हैं। मुख्यमंत्री ने लड़कों में जेंडर सेंसिटाइजेशन यानी लिंग संवेदनशीलता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि लड़कों को सम्मान और सहमति का मतलब समझना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर किसी को अपने अधिकार और कर्तव्य पता होने चाहिए और लड़कों को यह समझना होगा कि 'ना' का मतलब 'ना' होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और समाज को अपने कर्तव्यों को समझना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस शहर में अगर किसी ने भी कुछ गलत किया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसे ऐसी सजा मिलेगी कि आने वाली पीढ़ियां भी ऐसा करने से पहले सोचेंगी। हर बेटी का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियों को जो भी लड़ाई लड़नी होगी, उसमें वह हर बेटी के साथ खड़ी हैं।