दिल्ली सीएम Rekha Gupta ने Kanwar Yatra की तैयारियों का लिया जायजा और शिव भक्तों से की मुलाकात

दिल्ली की Chief Minister Rekha Gupta ने चल रही Kanwar Yatra के दौरान विभिन्न सेवा शिविरों में Shivbhakts से मुलाकात की और यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- दिल्ली सीएम ने मायापुरी, पीतमपुरा, अप्सरा बॉर्डर और दिलशाद गार्डन के शिविरों का दौरा किया।
- सरकार ने Kanwar camps के लिए वित्तीय सहायता ₹11 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दी है।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और जीटी रोड पर ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं।
- डीजे और कांवड़ संरचनाओं की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
दिल्ली में शिविरों का दौरा और स्वागत
रविवार, 9 अगस्त 2026 को, सीएम गुप्ता ने मायापुरी और पीतमपुरा के शिविरों का दौरा किया, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत किया, उन पर फूल बरसाए, प्रसाद वितरित किया और सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने Kanwar service committees, आयोजकों और स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना की। इससे पिछले दिन, शनिवार, 8 अगस्त को, सीएम गुप्ता ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा के पास अप्सरा बॉर्डर और दिलशाद गार्डन सहित शिविरों का दौरा किया, तीर्थयात्रियों का फूलों की वर्षा से स्वागत किया, उनके पैर छुए और उनके लिए बनाई जा रही रोटियों पर घी लगाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। (Source) मुख्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी भक्तों के लिए एक सरल, सुरक्षित और सुगम कांवड़ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, और सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार से गंगा जल लेकर दिल्ली आने वाले Kanwariyas के प्रति गहरी श्रद्धा पर जोर दिया।
अन्य नेताओं की भागीदारी और सरकारी सहायता
30 जुलाई को शुरू हुई और 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के साथ संपन्न होने वाली Kanwar Yatra 2026 में अन्य राजनीतिक नेताओं की भागीदारी भी देखी गई है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश के Chief Minister Yogi Adityanath ने 9 अगस्त, शनिवार को मेरठ में Kanwar pilgrims पर फूलों की वर्षा की, यात्रा मार्ग का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद इसे राष्ट्रीय एकता का उदाहरण बताया। दिल्ली में, सरकार ने कांवड़ शिविरों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ा दी है, अधिकतम अनुदान ₹11 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दिया है, और Kanwar samitis को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना जारी रखा है। इस समर्थन के कारण दिल्ली में आयोजित कांवड़ शिविरों की संख्या 2024 में 170 से बढ़कर 2025 में 308 हो गई है।
ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा उपाय
चल रही यात्रा के लिए दिल्ली-National Capital Region (NCR) में महत्वपूर्ण traffic management और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पड़ी है। भारी वाहनों के लिए ट्रैफिक प्रतिबंध बड़े पैमाने पर 29 जुलाई से 12 अगस्त तक प्रभावी हैं, जो दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर के प्रमुख मार्गों को प्रभावित कर रहे हैं। विशेष रूप से, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश का हिस्सा 7 अगस्त से 12 अगस्त तक नियमित ट्रैफिक के लिए बंद है, जिसमें कांवड़ियों के लिए एक समर्पित लेन है। अप्सरा बॉर्डर से यमुना पुल तक का जीटी रोड भी 9 अगस्त को सुबह 7 बजे से 12 अगस्त को रात 8 बजे तक आम ट्रैफिक के लिए बंद है, और Gurugram Police ने 9 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे वास्तविक समय के ट्रैफिक अपडेट की जांच करें और संभावित व्यवทानों के कारण वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, जिसमें हाल ही में हुई भारी बारिश और जलभराव शामिल है जिसके कारण 7 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण ट्रैफिक समस्याएं हुईं। सुरक्षा उपायों में प्रमुख स्नान घाटों पर पुलिस गोताखोर, अतिरिक्त पुलिस तैनाती, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और Quick Response Teams (QRTs) शामिल हैं। इसके अलावा, दिशानिर्देशों में यह निर्धारित किया गया है कि डीजे और कांवड़ संरचनाओं की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए, ध्वनि का स्तर 75 डेसिबल से कम होना चाहिए, और प्रतिभागियों को हथियार ले जाने से प्रतिबंधित किया गया है।